फॉरवर्ड प्रेस

दलित-विरोधी टिप्पणी के लिए सीजेएम पर मुकदमा

भुवनेश्वर। ओडिसा के जगतसिंहपुर में पुलिस ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) सत्य प्रिय बिसवाल के विरूद्ध एक प्रकरण दर्ज किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर एक महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर पर दलित-विरोधी टिप्पणी की। घटना तब हुई जब उपनिरीक्षक सबिता मांझी सीजेएम की अदालत में एक अवयस्क आरोपी को पेश करने के लिए पहुंची। मांझी ने घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह को दी जिन्होंने, उनसे एफआईआर दर्ज करने को कहा। मांझी ने सीजेएम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 व अनुसूचित जाति व जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत एफआईआर दर्ज कर दी। पुलिस उपअधीक्षक मनोज कुमार महंत ने बताया कि मामले को कटक के मानवाधिकार रक्षा सेल को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है। इस बीच जिला बार एसोसिएशन ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है।

(फारवर्ड प्रेस के मार्च, 2015 अंक में प्रकाशित )


फारवर्ड प्रेस वेब पोर्टल के अतिरिक्‍त बहुजन मुद्दों की पुस्‍तकों का प्रकाशक भी है। एफपी बुक्‍स के नाम से जारी होने वाली ये किताबें बहुजन (दलित, ओबीसी, आदिवासी, घुमंतु, पसमांदा समुदाय) तबकों के साहित्‍य, सस्‍क‍ृति व सामाजिक-राजनीति की व्‍यापक समस्‍याओं के साथ-साथ इसके सूक्ष्म पहलुओं को भी गहराई से उजागर करती हैं। एफपी बुक्‍स की सूची जानने अथवा किताबें मंगवाने के लिए संपर्क करें। मोबाइल : +919968527911, ईमेल : info@forwardmagazine.in