फॉरवर्ड प्रेस

सवर्ण बंद के समर्थकों ने किया पप्पू यादव पर हमला

पटना : बिहार से सांसद और जन अधिकार पार्टी के मुखिया पप्पू यादव पर सवर्ण बंद के समर्थकों ने हमला कर दिया है। मामला बिहार के मुजफ्फरपुर के खबड़ा का है। इस हमले में पप्पू यादव बुरी तरह से घायल हो गए हैं। पप्पू यादव ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि अगर गार्ड न होते तो वे मुझे मारे देते। पप्पू यादव ने बिहार की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने लिखा है कि हाथों में पिस्तौल लहराते रहे हमलावरों से किसी तरह बचे हैं अभी-अभी। पप्पू यादव आज से बिहार में नारी बचाओ पदयात्रा पर निकलने वाले थे।

पप्पू यादव मीडिया से बात करते हुए भावुक हो गए और रोते हुए कहा कि पहले हमलावरों ने मुझसे मेरी जाति पूछी और फिर मुझ पर हमला कर दिया। पप्पू यादव ने रोते हुए कहा कि मैं जातिवाद की राजनीति से दूर रहा हूं।

बताया जा रहा है कि मुजफ्फरपुर के खबड़ा से पप्पू यादव मधुबनी जा रहे थे तब उनपर सवर्ण समुदाय के गुंडा तत्वों ने हमला कर दिया। यादव जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) द्वारा मधुबनी से पटना तक की पैदल यात्रा की शुरुआत करने बासोपट्टी जा रहे थे, जहां से वह आज शुरू को रही पदयात्रा को शुरू करने वाले थे।

पप्पू यादव

पप्पू यादव ने बताया कि उनके काफिले में जितनी भी गाड़ियां चल रहीं थीं सभी के शीशे तोड़ दिए गए हैं। यही नहीं हमलावरों ने उनसे हाथा-पाई की जिसके बाद उनके मोबाइल को भी तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि बस किसी भी तरह जान बच पाई है।  उन्होंने कहा कि हमले से पहले उन्हें कई और स्थानों पर रोकने की कोशिश की गई थी। हमला करने वाले उनके काफिले का काफी समय से पीछा कर रहे थे।

पप्पू यादव पर हमले का आरोप सवर्णों के भारत बंद का समर्थन करने वालों लगाया जा रहा है।

(इनपुट- अमर उजाला)


फारवर्ड प्रेस वेब पोर्टल के अतिरिक्‍त बहुजन मुद्दों की पुस्‍तकों का प्रकाशक भी है। हमारी किताबें बहुजन (दलित, ओबीसी, आदिवासी, घुमंतु, पसमांदा समुदाय) तबकों के साहित्‍य, संस्कृति, सामाज व राजनीति की व्‍यापक समस्‍याओं के सूक्ष्म पहलुओं को गहराई से उजागर करती हैं। पुस्तक-सूची जानने अथवा किताबें मंगवाने के लिए संपर्क करें। मोबाइल : +917827427311, ईमेल : info@forwardmagazine.in

फारवर्ड प्रेस की किताबें किंडल पर प्रिंट की तुलना में सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं। कृपया इन लिंकों पर देखें 

बहुजन साहित्य की प्रस्तावना 

दलित पैंथर्स : एन ऑथरेटिव हिस्ट्री : लेखक : जेवी पवार 

महिषासुर एक जननायक

महिषासुर : मिथक व परंपराए

जाति के प्रश्न पर कबी

चिंतन के जन सरोकार