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धूमधाम से मनायी गयी डॉ. आंबेडकर की 131वीं जयंती, फारवर्ड प्रेस की नई पुस्तक लोकार्पित

इस बार की सप्ताहिकी में पढ़ें अनंत महादेवन की नई फिल्म ‘फुले’ के बारे में, जो कि जोतीराव फुले की जीवनी पर आधारित है। साथ ही, दिल्ली में गोकशी के संदेह में एक दलित की पीट-पीटकर हत्या व पदोन्नति में आरक्षण के सवाल पर डीओपीटी की नई कवायद के बारे में

बीते 14 अप्रैल, 2022 को पूरे देश में डॉ. आंबेडकर की 131वीं जयंती मनाई गई। संसद परिसर में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अनेक गणमान्यों ने डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वहीं दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के विजयनगर के माता कॉलोनी स्थित आंबेडकर पार्क में जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह के दौरान फारवर्ड प्रेस द्वारा प्रकाशित नई किताब “आंबेडकर की नजर में गांधी और गांधीवाद” का लोकार्पण किया गया। इस किताब का संपादन डॉ. सिद्धार्थ व डॉ. अलख निरंजन ने संयुक्त रूप से किया है। 

विमोचन के उपरांत “बहुजन आंदोलन की चुनौतियां एवं रणनीतियां” विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। इस गोष्ठी में डीयू के प्रोफेसर सुजीत कुमार, प्रो. मुकेश बैरवा, एडवोकेट पूजा वर्मा, शैलजा सिंह, फारवर्ड प्रेस के प्रबंध संपादक अनिल वर्गीज के अलावा इस खबर के लेखक ने भी भाग लिया। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ दलित लेखक रघुबीर सिंह ने की।

अपने संबोधन में सभी वक्ताओं ने बहुजन आंदोलन में आये नकारात्मक बदलावों पर चिंतन-मनन किया। प्रो. सुजीत कुमार ने बहुजन शब्द की परिभाषा पर जोर दिया। प्रो. मुकेश बैरवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी राजनीतिक कारणों से बहुजनों के बीच जगह बनाने का प्रयास कर रही है। शैलजा सिंह ने गांवों में इस तरह के विचार-विमर्श को ले जाने पर जोर दिया। पूजा वर्मा ने सामाजिक न्याय व आरक्षण आदि के सवाल उठाए। वरिष्ठ लेखक रघुबीर सिंह ने इतिहास के उद्धरणों के नये सिरे से पुनर्पाठ पर जोर दिया। वहीं अनिल वर्गीज ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि हमारे लीडरों को रीडर होने चाहिए तभी बहुजन आंदोलन को जिस दिशा में और जिस गति से आगे बढ़ना चाहिए था, बढ़ पाएगा। 

पुस्तक का विमोचन करते अतिथिगण

इस मौके पर युवा चित्रकारों और स्कूली छात्रों द्वारा चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया। जयंती समारोह के अंत में सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

अनंत महादेवन बना रहे हैं जोतीराव फुले की जीवनी पर फिल्म

जाने-माने फिल्म कलाकार व निर्देशक अनंत महादेवन जोतीराव फुले की जीवनी पर आधारित एक फिल्म बना रहे हैं। इस फिल्म का शीर्षक “फुले” रखा गया है। इस आशय की घोषणा उन्होंने बीते 11 अप्रैल, 2022 को जोतीराव फुले की जयंती के मौके पर की। इस अवसर पर उन्होंने अपनी फिल्म का पोस्टर भी जारी किया। इस पोस्टर में प्रसिद्ध सिने कलाकार प्रतीक गांधी व पत्रलेखा क्रमश: जोतीराव फुले व सावित्रीबाई फुले के किरदार में नजर आ रहे हैं।

अपनी फिल्म के बारे में अनंत महादेवन ने यह कहा कि जोतीराव फुले आधुनिक भारतीय इतिहास के प्रथम पुरुष थे, जिन्होंने भारतीय समाज की वैचारिकी और चुनौतियों को समझा। उन्होंने असाधारण जीवन जीया। अपने जीवन में उन्होंने कई रुढिवादी परंपराओं को तोड़ा और लोगों को विकसित समाज बनाने के लिए प्रेरित किया। इस फिल्म को लेकर योजना लंबे समय से थी, जो अब जाकर पूरी हो रही है। महादेवन ने यह भी कहा कि उनके लिए चुनौती यही है कि जोतीराव फुले के जीवन में इतनी घटनाएं हैं कि उन्हें डेढ़ या दो घंटे की फिल्म में कैसे शामिल किया जाय।

अनंत महादेवन की नई फिल्म फुले का पोस्टर

वहीं जोतीराव फुले की भूमिका निभानेवाले प्रतीक गांधी ने कहा कि “जोतीराव फुले का किरदार निभाना और दुनिया के सामने उनके व्यक्तित्व को पेश करना मेरे लिए गौरव की बात है। यह पहला मौका है जब में किसी बायोग्राफ़ी में एक अहम किरदार निभा रहा हूं। इस किरदार को निभाना मेरे लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है, मगर एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व होने के नाते महात्मा फुले के रोल को निभाने को लेकर मैं बहुत उत्साहित हूं।” 

प्रतीक ने आगे कहा कि “मुझे याद है कि फिल्म की कहानी सुनने के बाद मैंने तुरंत इस फिल्म में काम करने के लिए हामी भर दी थी। कुछ किरदारों पर किसी का नाम लिखा होता है और मुझे इस बात की बेहद ख़ुशी है कि अनंत सर ने मुझे इसमें काम करने का ऑफर दिया। मुझे बेहद खुशी है कि इसके निर्माताओं ने महात्मा और सावित्री फुले द्वारा सामाजिक बदलाव के लिए समर्पित किये गये जीवन के बारे में आज की पीढ़ी को अवगत कराने का बीड़ा उठया है।”

वहीं सावित्रीबाई फुले का किरदार निभानेवाली अभिनेत्री पत्रलेखा ने कहा कि उनकी परवरिश मेघालय में हुई है। यह एक ऐसा राज्य है, जहां महिलाओं के हको और फैसलों को पुरुषों से अधिक अहमियत दी जाती है। ऐसे में नारी-पुरुष समानता का विषय मेरे दिल में एक बेहद अहम स्थान रखता है। उन्होंने आगे कहा कि “सावित्रीबाई फुले ने अपने पति के साथ मिलकर 1848 में पूरी तरह से घरेलू सहयोग से लड़कियों के लिए एक स्कूल का निर्माण किया था। साथ ही, विधवाओं के पुनर्विवाह कराने और गर्भपात को नियंत्रित करने के लिए एक अनाथ आश्रम की भी स्थापना की थी। ये फिल्म मेरे लिए एक बहुत खास फिल्म है।”

दिल्ली में गोकशी के संदेह में दलित की पीट-पीटकर हत्या

बीते 12 अप्रैल, 2022 को दिल्ली के द्वारका इलाके में एक दलित व्यक्ति राजा राम की हत्या गोकशी के संदेह में पीट-पीट कर कथित तौर पर गौ-रक्षक दल के सदस्यों ने कर दी। मिली जानकारी के अनुसार द्वारका के एक फार्म हाउस में यह घटना घटित हुई। इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी है कि मृतक दलित के उपर गाय का वध करने मांस का कारोबार करने का आरोप था। पुलिस के मुताबिक एक और फल विक्रेता के साथ भी गौ-रक्षक दल के सदस्यों ने मारपीट की। उसने अपना अपराध कबूला है कि वह राजा राम के साथ मिलकर गौकशी कर रहा था। उसके विरोध गौ-जीवन संरक्षण संबंधित कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं मृतक की पत्नी ने कहा है कि उसका पति ई-रिक्शा चलाता था। दिहाड़ी मजदूरी भी करता था। वह गोमांस का कारोबार नहीं करता था। स्थानीय पुलिस ने जानकारी दी है कि उन्हें फार्महाउस में कुछ गलत होने की सूचना मिली थी और उनके पहुंचने से पहले ही गौरक्षक दल के सदस्य घटना स्थल पर पहुंच चुके थे।

पदोन्नति में आरक्षण के लिए आवश्यक आंकड़े जुटाने के लिए डीओपीटी ने जारी किया निर्देश

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के केंद्रीय कर्मियों को पदोन्नति में मिलनेवाले आरक्षण को लेकर केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय (डीओपीटी) ने अपनी उदासीनता दूर करने के संकेत दिये हैं। दरअसल, बीते 12 अप्रैल को डीओपीटी ने एक पत्र सभी केंद्रीय मंत्रालयों और संस्थानों को भेजा है। अपने पत्र में उसने कहा है कि वे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के कर्मियों के संबंध में मात्रात्मक आंकड़े तैयार करें। बताते चलें कि इस संबंध में एक आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीते 28 जनवरी, 2022 द्वारा दिया गया था। लेकिन डीओपीटी द्वारा उसके अनुपालन में शिथिलता बरती जा रही थी।

(संपादन : अनिल)


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लेखक के बारे में

नवल किशोर कुमार

नवल किशोर कुमार फॉरवर्ड प्रेस के संपादक (हिन्दी) हैं।

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