|

किस कोटि के दलित हैं महामहिम कोविंद?

दलित समुदाय की भलाई को लेकर रामनाथ कोविंद की दृष्टि बहुत आशाजनक नहीं लगती। विभिन्न अवसरों पर उनके बयान अपने समाज की समस्याओं के प्रति उनकी बेहद साधारण समझ के प्रतीक हैं। मौजूदा भारत में दलितों की स्थिति पर सुखदेव थोराट के शोध को खारिज करते हुए रामनाथ कोविंद ने कहा था कि खुले तौर पर दलितों के साथ होने वाले भेदभाव में तेज़ी से गिरावट आई है, लेकिन वह यह भूल जाते हैं कि सर्वत्र परिवर्तन के दौर में दलितों/अल्पसंख्यकों के साथ होने वाला भेदभाव दिखाई तो कम देता है, लेकिन उसका स्वरूप और ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है। राष्ट्रपति चुनाव के बाद भारतीय राजनीति में दलित राजनीति का विश्लेषण कर रहे हैं तेजपाल सिंह तेज :