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Chandrabhushan Gupta

‘हिंदू धर्म की मिथकीय मान्यताओं पर प्रामाणिक सवाल उठाती है यह किताब’
निश्चित तौर पर हिंदू धर्म के मिथकों एवं पहेलियों का हमारे ऊपर वर्चस्व है, लेकिन यह सत्य पर...
मनुवाद के विरुद्ध प्रत्यक्ष संघर्ष का आह्वान करतीं जोतीराव फुले की रचनाएं
वर्ष 1873 में प्रकाशित ‘गुलामगिरी’ जोतीराव फुले की एक महत्वपूर्ण रचना है, जिसमें उन्होंने ब्राह्मणों द्वारा रचे गए...
बली-वामन की कहानी, जोती राव फुले की जुबानी
‘फुले द्वारा मिथकों के पुनर्पाठ का प्रयास’ श्रृंखला के तहत दूसरी किस्त में पढ़ें राजा बली और वामन...
Jotirao Phule tells the story of Bali and Vamana
Here is the second instalment of the series ‘Phule’s attempt to reinterpret myths’
पढ़ें फुले के शब्दों में ब्रह्मा, विष्णु और महेश की कहानी
फुले हिन्दुत्व को समाज के लिए सबसे बड़ा बाधक मानते थे। अपनी किताब ‘गुलामगिरी’ में उन्होंने हिन्दू मिथकों...
Read the story of Brahma, Vishnu and Mahesh in Phule’s words
Jotirao Phule used to consider Hindutva to be the biggest impediment to society's progress. In his book 'Gulamgiri',...
A Bahujan retelling of the farmers’ revolt in Awadh
Writers hailing from the Bahujan community are now looking at historical events from a new perspective. Subashchandra Kushwaha...
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