e n

हिंदी अनुवाद बस थोड़ी देर में

इस सामग्री के हिंदी अनुवाद पर काम जारी है। कृपया कुछ समय बाद  वापस आएं। 

दलित-बहुजन दुनिया की ताजा खबरों और मुददों के तथ्यपरक व विचारोत्तेजक विश्लेषण से अपडेट रहने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें अथवा टिवीटर  पर फालो करें। फेसबुक : www.facebook.com/forward.press.india/
टिविटर @ForwardPressWeb

फारवर्ड प्रेस वेब पोर्टल के अतिरिक्‍त बहुजन मुद्दों की पुस्‍तकों का प्रकाशक भी है। एफपी बुक्‍स के नाम से जारी होने वाली ये किताबें बहुजन (दलित, ओबीसी, आदिवासी, घुमंतु, पसमांदा समुदाय) तबकों के साहित्‍य, सस्‍क‍ृति व सामाजिक-राजनीति की व्‍यापक समस्‍याओं के साथ-साथ इसके सूक्ष्म पहलुओं को भी गहराई से उजागर करती हैं। एफपी बुक्‍स की सूची जानने अथवा किताबें मंगवाने के लिए संपर्क करें। मोबाइल : +919968527911, ईमेल : info@forwardmagazine.in

About The Author

Tata Sivaiah

Tata Sivaiah is national president, Mahatma Jyotirao Phule & Krantijyoti Savitribai Phule Educational Circle, and convener, OBC Student Force – Phule’s Caravan. He has an MSc in Mathematics from Hyderabad Central University

Related Articles

हिजाब और अशराफ़िया पितृसत्ता
पूरी अशराफ़िया राजनीति ज़ज़्बाती मुद्दों की राजनीति रही है। सैकड़ों सालों से यह अपनी संस्कृति, अपनी भाषा, अपने पहनावे को पूरे मुस्लिम समाज की...
राजनीति की बिसात पर धर्म और महिलाएं
पिछले सौ सालों में समाज और परिवेश धीरे-धीरे बदला है। स्त्रियां घर से बाहर निकलकर आत्मनिर्भर हुई हैं, पर आज भी पढ़ी-लिखी स्त्रियों का...
भगत सिंह की दृष्टि में सांप्रदायिक दंगों का इलाज
भगत सिंह का यह तर्क कि भूख इंसान से कुछ भी करा सकती है, स्वीकार करने योग्य नहीं है। यह गरीबों पर एक ऐसा...
भगत सिंह की दृष्टि में ‘अछूत’ और उसकी पृष्ठभूमि
वास्तव में भगत सिंह की प्रशंसा होनी चाहिए कि उन्होंने एक बड़ी आबादी को अछूत बनाकर रखने के लिए हिंदुओं और उनके ब्राह्मणवादी दर्शन...
मोदी दशक में ब्राह्मणवादियों के निशाने पर रहा हिंदी सिनेमा
सनद रहे कि यह केवल एक-दो या तीन फिल्मों का मसला भर नहीं है। हकीकत तो यह है कि 2014 में केंद्र में मोदी...