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Shrawan Deore

फुलेवाद के मूलभूत सिद्धांत एवं उनकी प्रासंगिकता (अंतिम भाग)
तात्यासाहेब ने अपने भाषण में और लेखन में हिंदू शब्द का ज्यादा इस्तेमाल नही किया। वे खुलकर जाति...
फुलेवाद के मूलभूत सिद्धांत एवं उनकी प्रस्तावनाएं (पहला भाग)
जमीनी संघर्ष के लिए फुलेवाद शुद्ध वर्गीय संगठन का मार्ग स्वीकार करता है। फुले के शिष्य भालेराव किसान...
सामाजिक न्याय का पेरियारवादी मॉडल ही समयानुकूल
आमजनों को दोष देने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि उनके दलित-ओबीसी नेताओं ने फुले-आंबेडकरवाद को ब्राह्मणों और...
Maharashtra: Only hope for Dalits, OBCs and Muslims is the Tamil Nadu model
Dalits, OBCs and Muslims want security and self-respect, which they will never get from the Maratha-Brahmin political parties...
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव : दलित, ओबीसी और मुसलमानों के लिए तमिलनाडु मॉडल ही एकमात्र विकल्प (अंतिम भाग)
ओबीसी, दलित और मुसलमानों को सुरक्षा और स्वाभिमान की राजनीति चाहिए जो कि मराठा-ब्राह्मण जातियों की पार्टियों द्वारा...
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव : महायुति गठबंधन में ओबीसी के विश्वास का निहितार्थ (पांचवां भाग)
सतत बिखरा हुआ महाराष्ट्र का ओबीसी पहली बार जान-बूझकर और तय करके राजनीतिक दृष्टि से एकजुट हुआ है।...
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव : ओबीसी द्वारा मराठा विरोध का वैचारिक पक्ष
तात्यासाहेब जोतीराव फुले ने समाज का ब्राह्मणी-अब्राह्मणी के रूप में ध्रुवीकरण करके शूद्रों व अतिशूद्रों को समान हित...
Maharashtra Assembly Elections: OBCs teach Jarange’s patron Sharad Pawar a lesson
Every informed person knows that it was Sharad Pawar who polarized the Marathas against the OBCs. In the...
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