e category

Uncategorized

‘जातिगत जनगणना जातियों के नाम की गणना नहीं’
“अगर यह सुनिश्चित किया जाना है कि ओबीसी से संबंधित आंकड़े वैज्ञानिक और विश्वसनीय हों तो हम गणना के बाद लाखों जातियों में से ओबीसी/एसईबीसी का श्रेणीकरण करने का खतरा नहीं उठा सकते।” पढ़ें, करुर...
अन्ना और सीजेपी के आंदोलन का फर्क
भाजपा को खुद का भरोसा टूट गया है कि आंदोलनों, लोकतांत्रिक विरोध को वह मैनेज कर सकती है। लोगों पर ज्यादती, जुल्म, दमन की कहानियों को अपने स्तर पर दुरुस्त कर लेगी। इसकी वजह यह...
यूजीसी रेगुलेशन : सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, लेकिन सवाल जस के तस
केवल ‘भेदभाव’ की परिधि में ओबीसी को शामिल करने भर से जब ऊंची जातियों के लोग पूरा आसमान सिर पर उठाकर बवाल काट रहे हैं तब जिस दिन निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में एससी, एसटी...
बिहार की अठारहवीं विधानसभा की सामाजिक बुनावट
सभी जातियों में राजपूतों का प्रतिनिधित्व सबसे ज्यादा है। पिछड़े वर्गों में कुशवाहों और उनके बाद यादवों की संख्या सबसे अधिक है। अति पिछड़े वर्गों और अनुसूचित जातियों में क्रमशः धानुक और रविदास जातियों की...
मध्य प्रदेश : छोटे किसानों की बदहाली के मायने
सूबे में सीमांत एवं लघु किसानों की संख्या सबसे अधिक है जो कि अपनी आजीविका के लिए केवल...
उत्तर प्रदेश में बसपा : राजनीतिक फलक पर दलित प्रतिनिधित्व की वैचारिक भूमि (चौथा भाग) 
बहुजन से सर्वजन की राजनीति में मुस्लिम समुदाय मायावती के साथ आ तो रहा था, लेकिन मायावती का...
Shouldn’t the courts lead the way in shaking off patriarchal mindset?
Instead of perpetuating and fueling the patriarchal mindset prevalent in society, the judiciary should mindfully assume greater responsibility...
Christmas signifies hope, love, peace and joy in uncertain times
Like the shepherds, I understand the significance of that birth over two thousand years ago when God entered...
More posts