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किताबें

आंबेडकरवाद की रोशनी में आरएसएस का द्विज राष्ट्रवाद (परत-दर-परत पड़ताल) बिक्री के लिए उपलब्ध
आज ही घर बैठे खरीदें भंवर मेघवंशी की यह किताब। अमेजन पर भी उपलब्ध। सीधे हमसे खरीदने पर कोई डाक खर्च नहीं। मूल्य केवल 300 रुपए
‘शूद्र विद्रोह : ताकि बन सके आत्मनिर्भर भारत’ किताब बिक्री के लिए उपलब्ध
कुल 11 अध्यायों वाले इस किताब में प्रो. शेपर्ड बताते हैं कि छिटपुट तौर पर ही सही, शूद्रों के विद्रोह ने मानववादी सभ्यता और समता, समानता व बंधुता जैसे मूल्यों पर आधारित देश व समाज...
सामाजिक न्याय की जमीनी दास्तान (इतिहास का पुनरावलोकन)
कुल आठ अध्यायों में विभाजित इस किताब में पाठक उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु आदि राज्यों में सामाजिक न्याय आंदोलनों के इतिहास, वर्तमान और भविष्य में इसकी दशा-दिशा जान सकेंगे। इसके अलावा असम सहित...
सावित्रीबाई फुले की कविताओं के इतिहासपरक संदर्भ
सावित्रीबाई फुले की कुशाग्रता का परिचय इतिहास की उनकी गहरी समझ से मिलती है। उन्होंने शूद्र शब्द का अर्थ ‘मूलवासी’ बताया है। वह कहती हैं कि शूद्र भारत के मूलवासी हैं, जिन्होंने प्रारंभ में ईरानी-ब्राह्मणों...
हिंदुत्व मुक्त भारत की ओर
तेलुगु-भाषी क्षेत्र के अपने अध्ययन पर आधारित कांचा आइलैय्या शेपर्ड की यह मूल अंग्रेजी कृति ‘पोस्ट-हिन्दू इंडिया :...
सावित्रीनामा : सावित्रीबाई फुले का समग्र साहित्यकर्म (जोतीराव फुले के भाषण सहित)
सावित्रीबाई फुले के साहित्य का यह संकलन ‘काव्यफुले’ (1854) से शुरू होता है, जिसके प्रकाशन के समय वे...
कबीर और कबीरपंथ
कुल ग्यारह अध्यायों में बंटी यह पुस्तक कबीर के जन्म से लेकर उनके साहित्य, कबीरपंथ के संस्कारों, परंपराओं...
आंबेडकर की नजर में गांधी और गांधीवाद
जिस समतामूलक समाज की परिकल्पना डॉ. आंबेडकर ने की थी, वह साकार नहीं हो सकी है। इसके पीछे...
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