फडऩवीस की दलितों को रिझाने की कोशिश

भाजपा, रामदास अठावले के बिना भले ही दिल्ली और मुंबई में सरकारें चला ले परंतु दलित मतदाताओं को वह नाराज नहीं कर सकती

मुंबई : भाजपा, रामदास अठावले के बिना भले ही दिल्ली और मुंबई में सरकारें चला ले परंतु दलित मतदाताओं को वह नाराज नहीं कर सकती। आश्चर्य नहीं कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री इस बात की पूरी कोशिश कर रहे हैं कि उनकी सरकार की छवि, शहरी उच्च जातियों की सरकार की न बने। मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के कुछ समय बाद, फडऩवीस, जो कि ब्राह्मण हैं, अहमदनगर जिले के उस गांव में पहुंचे जहां एक जाधव परिवार के तीन सदस्यों की निर्मम हत्या कर दी गई थी।

उन्होंने यह आश्वासन दिया कि हत्यारों को जल्दी से जल्दी गिरफ्तार कर उन्हें सजा दिलवाई जायेगी। इसके बाद, दिसंबर में, पहली बार बाबा साहेब आम्बेडकर की पुण्यतिथि राज्य सरकार द्वारा जोरशोर से मनाई गई। फडऩवीस ने यह घोषणा भी की कि मुंबई के प्रभादेवी इलाके में स्थित बंद पड़े इंदू कपड़ा मिल की 12 एकड़ भूमि पर आम्बेडकर स्मारक का निर्माण करवाया जाएगा। इसका वायदा भाजपा के चुनाव घोषणापत्र में किया गया था। इसके लिए केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय की मंजूरी ले ली गई है।

(फारवर्ड प्रेस के फरवरी, 2015 अंक में प्रकाशित )


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