स्वीकार करना होगा कि कांचा आइलैय्या शेपर्ड की पुस्तक ‘शूद्र विद्रोह : ताकि बन सके आत्मनिर्भर भारत’ बहुजन समाज के एक ऑर्गैनिक बौद्धिक का श्रमशील समाज के दृष्टिकोण से प्रस्तुत एक मौलिक चिंतन है। इसे ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ के प्रतिविमर्श के रूप में भी विमर्शकारी बनाने की जरूरत है। पढ़ें, दिवंगत समालोचक वीरेंद्र यादव की...