फिल्म की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि वह जगदेव प्रसाद के जीवन को किसी चमत्कारी नायक की कथा में बदलने के बजाय उनके सामाजिक और वैचारिक निर्माण की प्रक्रिया को समझने का प्रयास करती है। उनके आरंभिक जीवन संघर्ष, पारिवारिक परिस्थितियां, सामाजिक अपमान और उससे पैदा हुई प्रतिरोध की चेतना को फिल्म बारीकी...