सवर्ण हिंदुओं को इस्लाम और ईसाई धर्म अपनाने की अपनी झिझक दिखाने में आंबेडकर ने जानबूझकर उन्हीं मुस्लिम और ईसाई विरोधी धारणाओं और अफ़वाहों का इस्तेमाल किया जिसे हिंदुत्ववादी तत्व राष्ट्रवाद और भारतीयता के नाम पर प्रचारित कर रहे थे। आंबेडकर को पता था कि वर्चस्ववादी मूल्यों वाले हिंदू समाज से कैसे मोलभाव करना...