जो महिला अपनी ही चुनाव प्रचार सामग्री में एक कोने में सिमटी नज़र आती है, जो आमसभाओं में भाषण नहीं देती और न ही खुलकर मतदाताओं से मिलती है, उसके लिए अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाना मुश्किल होता है। इसका नतीजा होता है सार्वजनिक जीवन में उसकी सीमित उपस्थिति। और फिर इसी तथ्य का...