यह असोक स्तंभ साफ तौर पर घोषणा करता है– “हिद बुधे जाते शाक्यमुनि ति।” अर्थात् यहां शाक्यमुनि (बुद्ध) पैदा हुए थे। इससे रूम्मनदेई के रूप में लुंबिनी की स्थिति निश्चित हो जाती है। सम्राट अशोक ने अपने शासन के लगभग 20वें वर्ष यानी 249 ईसापूर्व में लुंबिनी की यात्रा की। पढ़ें, एन.के. गौतम व...