2014 के बाद से आरएसएस के वैचारिक दृष्टिकोण को लागू करने वाली मोदी सरकार के नीतिगत फैसलों की आलोचना में आंबेडकरवादी दृष्टिकोण बहुत कम दिखता है। जो दिखता भी है वह ज़्यादातर आरक्षण के सवाल पर दिखता है, जिससे भाजपा को वैचारिक चुनौती नहीं मिलती। पढ़ें, शाहनवाज आलम का यह आलेख