डॉ. आंबेडकर के मुताबिक, “मुग़ल बादशाहों ने कभी भी अपने सिक्कों की गुणवत्ता कम नहीं की। सिक्का ढालने की तकनीक में कमियों को ध्यान में रखते हुए भी, उनके साम्राज्य के सबसे दूर-दराज़ इलाकों में स्थित टकसालों से जारी सिक्के भी मानक से बहुत ज़्यादा अलग नहीं होते थे।”, पढ़ें, कंवल भारती द्वारा डॉ....