महाड़ सत्याग्रह का यह सौवां साल है। वर्ष 1927 में डॉ. भीमराव आंबेडकर के नेतृत्व में पीने के लिए पानी पर हक का सत्याग्रह नहीं होता तो क्या 1930 में महात्मा गांधी दांडी मार्च यानी नमक सत्याग्रह के लिए प्रेरित होते? पढ़ें, अनिल चमड़िया का यह आलेख
रामजी यादव की कहानी ‘लोकविद्याधर’ लोककला के क्षरण, पारंपरिक कारीगर जातियों के रोजगार-संकट, बाजार के अमानवीय दबाव और जाति-वर्ग से निर्मित सामाजिक दूरी को...
डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह की प्रकाशित कृतियां भाषा-विज्ञान, साहित्यालोचना, इतिहास-बोध, लोकसंस्कृति तथा बहुजन विमर्श के विविध आयामों को अपने आप में समेटी हुईं हैं।...