भाजपा ने चारों ओर से नीतीश को घेरने का पूरा इंतजाम कर लिया था। नीतीश कुमार के दिमागी हालत को भी भाजपा ने हथियार की तरह इस्तेमाल किया। धीरे-धीरे नीतीश सवर्णों पर आश्रित होते गये, जो न वैचारिक रूप से उनके साथ थे, न सामाजिक रूप से। पढ़ें, वीरेंद्र यादव की यह रपट