यदि शासक बनना है तो सबसे पहले काम यह करना होगा कि बहुजन जातियों में एकता लानी होगी, कम-से-कम बहुजन नेता आपस में एकजुट हों। सर्वसम्मति से किसी एक व्यक्ति को चुनाव में खड़ा किया जाए और सब उसके लिए मेहनत करें। बता रहे हैं डॉ. संजीव खुदशाह
अगर डांगावास (14 मई, 2015, राजस्थान), खैरलांजी (27 सितंबर, 2006, महाराष्ट्र) और लक्ष्मणपुर बाथे (1 दिसंबर, 1997) जैसे नरसंहार और प्रताड़नाएं दलित साहित्य का...
महुआ माजी की यह कथा कोल्हान क्षेत्र (पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, और सरायकेला-खरसावां) के उन आदिवासी समुदायों की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाती है,...