मंडल आयोग की सिफारिशों के आने के बाद शिक्षण संस्थानों में उत्पीड़न का रूप जहरीला होता चला गया। लेकिन उसे अंग्रेजी में रैगिंग कहा जा रहा था और जमीनी भाषा में नहीं बताया जा रहा था। यह कहने में संकोच नहीं होना चाहिए कि भारतीय समाज में अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक दिखने और...