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आंबेडकर को अपमानित करने वाले विजयेंद्र के खिलाफ हो कानूनी कार्रवाई 

फिल्म पटकथा लेखक व सांसद विजयेंद्र प्रसाद के मुताबिक, “जब आंबेडकर ने पानी मांगा तब जमींदार ने किसी से कहा कि एक गिलास में पेशाब कर वह उन्हें नमकीन पानी उपलब्ध करवा दे। फिर वह पेशाब उनकी मुंह पर फ़ेंक दी गई। इसके बाद जमींदार ने कहा कि कुछ दलित, ऊंची जातियों के पुरुषों...

आंबेडकर को अपमानित करने वाले विजयेंद्र के खिलाफ हो कानूनी कार्रवाई 
फिल्म पटकथा लेखक व सांसद विजयेंद्र प्रसाद के मुताबिक, “जब आंबेडकर ने पानी मांगा तब जमींदार ने किसी से कहा कि एक गिलास में...
यूजीसी रेगुलेंशस : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, पटना में दिखा दलित-बहुजनों का जोर
बिहार के इतिहास में यह पहला मौका था जब प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में जोतीराव फुले, सावित्रीबाई फुले, रामासामी पेरियार, डॉ. आंबेडकर, जगदीश मास्टर,...
खरी-खरी : स्कूली शिक्षा का बुरा हाल है झारखंड में
राज्य सरकार तरह-तरह की घोषणाएं करती रहती है। उच्च शिक्षा केंद्रों में और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के लिए कभी कोचिंग सेंटर चलाने...
इलाहाबाद में यूजीसी रेगुलेशंस के समर्थन में समता सम्मेलन आयोजित
प्रो. गंगा सहाय मीणा ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशंस-2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा क्यों और कैसे स्टे लगा दिया गया, इस प्रक्रिया को समझना...
बिहार में यूजीसी रेगुलेशन की मांग को लेकर 18 मार्च को समता महाजुटान
आंदोलन का केंद्रीय कार्यक्रम 18 मार्च को पटना में प्रस्तावित ‘समता महाजुटान’ और राजभवन मार्च है। यह कार्यक्रम ऑल इंडिया फोरम फॉर इक्विटी के...
ब्राह्मण नहीं, श्रमण थे आयुर्वेद के प्रतिपादक (पहला भाग)
श्रमणों की तरह, चिकित्सक भी ज्ञान के साधक थे। वे घूमते-फिरते, रोग का कारण तथा उसके लिए नई औषधि, उपचार और चिकित्सा ज्ञान प्राप्त...
मिस्र बनाम सिंधु : भाषा और ज्ञान का उद्गम, प्रवाह व अवरोध
भारत के संबंध में भाषा की खोज का सिलसिला भीमबेटका की पहाड़ियों तक ले जाता है। मध्य प्रदेश के विंध्यक्षेत्र की पहाड़ियों में स्थित...
सुदर्शन ऋषि और डुमार (डोमार) समाज
पूरे भारत में डोमार जाति की जनसंख्या को लेकर एकमत नहीं है, क्योंकि जनगणना में भी उनकी जानकारी सही नहीं मिल पाती है। इसका...
देखें, जगत के प्रकाश को
इस क्रिसमस पर हम झिलमिलाते बल्बों और साज-सज्जा से आगे देखें – हमारे जगत के उस प्रकाश को देखें, जो अंधेरे से भरी हमारी...
आर्यभट नहीं, आजीवक थे भारतीय गणित के प्रतिपादक
सच तो यह है कि सभ्यता के आरंभिक चरण में प्रकृति के सान्निध्य में रहकर, उसका करीब से अध्ययन करने वाले श्रमण, ज्ञान और...
पमरिया : साझा संस्कृति का बोझ और पसमांदा पहचान का बहुजन विमर्श
डॉ. अयुब राईन द्वारा संपादित यह पुस्तक महज़ एक सांस्कृतिक दस्तावेज नहीं, बल्कि अशराफियत और सामंतवाद के गठजोड़ के खिलाफ एक पसमांदा ‘चार्जशीट’ है।...
आंबेडकर मिशन के नायक बुद्ध शरण हंस का साहित्य कर्म
हंस जी किस्सागो नहीं थे, वह कल्पना भी उनमें नहीं थी, जिससे कथा-शिल्प का निर्माण होता है। उनकी कहानियां उसी तरह की हैं, जिस...
आदिवासी, इकोसिस्टम, पूंजीवाद और नीला कॉर्नफ्लावर
लेखक का उद्देश्य प्रकृति संरक्षण के प्रति सजगता जगाना प्रतीत होता है। आदिवासी जीवन का संघर्ष इस उपन्यास का बायप्रोडक्ट जान पड़ता है। चूंकि...
‘हेरि महां दरद दिवाणी म्हारा दरद न जाण्या कोय’
पति की मृत्यु और पुनर्विवाह न होने की स्थिति में मीरा का यह पक्ष अधिक मुखरता से अभिव्यक्त हुआ है। उन्हें कुछ भी मानने...
‘पसमांदा जन आंदोलन 1998’ : मुस्लिम समाज में जातिवाद और हक की जद्दोजहद की दास्तान
मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में यह किताब और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती है। पसमांदा समाज के प्रतिनिधित्व की स्थिति आज भी लगभग...
युवा आंबेडकर का भारत-अमरीका व्यापार ज्ञापन
“हम भारत के प्रतिनिधि और इंडियन सोसाइटी फॉर द प्रमोशन ऑफ़ कॉमर्स के सदस्य, ब्यूरो ऑफ़ कामर्शियल इकोनॉमिक्स के अत्यंत मेधावी अधिकारियों से अनुरोध...
जिम्मेदार व निर्भीक पत्रकारिता के अग्रदूत थे संतराम बी.ए.
संतराम जी की पत्रकारिता की पड़ताल करने पर जो तथ्य सामने आते हैं, उनमें सबसे पहला है– बहुजन समाज के मुद्दों पर उनकी बिना...
केवल त्याग की प्रतिमूर्ति नहीं, और भी बहुत कुछ थीं रमाबाई
क्या वे बाबासाहेब की कर्त्तव्यनिष्ठ पत्नी भर थीं? या वे आंबेडकर के मुक्ति संघर्ष में बराबर की साझीदार थीं? क्या वे भी मानव-निर्मित विभाजनों...
मनहीन, तनहीन और धनहीन के जननायक
कर्पूरी ठाकुर जिन वर्गों को ‘मनहीन, तनहीन और धनहीन’ कहकर संबोधित करते थे, शायद वे जानते थे कि इन वर्गों की पहली और सबसे...
शिवनंदन पासवान : एक जीवट समाजवादी, जिन्हें राजनीतिक कारणों से किया जा रहा विस्मृत
शिवनंदन पासवान ने जिस दौर में राजनीति में प्रवेश किया, वह बिहार और देश की राजनीति के लिए उथल-पुथल का समय था। समाजवादी आंदोलन...