संतराम जी की पत्रकारिता की पड़ताल करने पर जो तथ्य सामने आते हैं, उनमें सबसे पहला है– बहुजन समाज के मुद्दों पर उनकी बिना लाग-लपेट के बेबाक राय। इस मामले में वह बडे़-से-बडे़ लोगों को भी आड़े हाथ लेने में नहीं झिझकते थे। बता रहे हैं डॉ. महेश प्रजापति