महाजुटान में मंच से जो बातें मुख्य तौर पर कही गईं, उनमें एक तो यह रही कि आदिवासी परिसीमन का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि विरोध उसकी प्रक्रिया से है। दूसरी यह चिंता जाहिर की गई कि नई व्यवस्था में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों की संख्या कम होगी और उनका प्रतिनिधित्व कमजोर...