अपने संबोधन में डॉ. परकला प्रभाकर ने कहा कि असम में जहां केवल स्पेशल रिवीजन (एसआर) हुआ, वहां सीमित स्तर पर नाम हटे, लेकिन जिन राज्यों में एसआईआर लागू हुआ, वहां बड़े पैमाने पर मतदाताओं को हटाया गया है। एसआईआर का निशाना सबसे ज्यादा मुस्लिम, दलित, आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर लोग बनाए...