इस संग्रह की तीसरी और अंतिम श्रेणी की कहानियां सामाजिक संघर्षों पर आकर ठहरती हैं। जो लेखक के लेखन का उत्स है। इन कहानियों में ‘लाल सलाम’ प्रमुख है। सुरेंद्र स्निग्ध की रचनाओं में सामंतवादी प्रवृतियों से संघर्ष करते कई किरदार नजर आते हैं। बता रहे हैं श्रीधर करुणानिधि