इस पुस्तक में सोहेल हाशमी ने मध्यकालीन दक्षिण एशियाई वास्तुकला या निर्माण-शिल्प के कुछ उन ख़ास तत्वों की ओर हमारा ध्यान आकर्षित किया है, जिन्हें हम नज़रअंदाज़ कर देते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि उस निर्माण-कला की बारीकियों में ईश्वर है, लेकिन सोहेल हाशमी कहते हैं कि वह उनमें शैतान को खोजते...