महाराष्ट्र में जोतीराव फुले (जो एक शूद्र थे) और उनके गैर-ब्राह्मण सत्यशोधक आंदोलन ने डॉ. आंबेडकर (जो एक अछूत या अति-शूद्र थे) के उदय की राह प्रशस्त की। तमिलनाडु में इसका उल्टा हुआ। वहां एक आदि द्रविड़ (अछूत) अयोती दास ने पेरियार और उनके गैर-ब्राह्मण आंदोलन के उदय की राह प्रशस्त की। उनकी जयंती...