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Siddharth

‘गैर-भारतीय इतिहासकारों ने ही लिखा है बहुजन आंदोलनों का इतिहास’
एक गैर-भारतीय की पद्धति क्या है? गैर-भारतीय काम करता है किसी भारतीय व्यक्तित्व पर या भारतीय समाज पर...
जिंदा होने का मानदंड प्रस्तुत करतीं एन.के. नंदा की कविताएं
इस संग्रह में कवि बार-बार आदिवासियों की ओर देखता हैं, उनकी जिंदगी में झांकता है, उनके दुखों को...
जिंदा होने का मानदंड प्रस्तुत करतीं एन.के. नंदा की कविताएं
इस संग्रह में कवि बार-बार आदिवासियों की ओर देखता हैं, उनकी जिंदगी में झांकता है, उनके दुखों को...
भीलों के गौरवपूर्ण इतिहास से साक्षात्कार कराती किताब
‘भील विद्रोह : संघर्ष के सवा सौ साल’ देशी वर्चस्वशाली सत्ताओं और ब्रिटिश सत्ता के गठजोड़ के खिलाफ...
महाड़ सत्याग्रह के बाद डॉ. आंबेडकर को क्यों लगा कि हिंदू धर्म लाइलाज है?
मनुस्मृति दहन दिवस के मौके पर सिद्धार्थ बता रहे हैं तत्कालीन परिस्थितियों व डॉ. आंबेडकर के अहम प्रयासों...
वर्तमान संदर्भ में फुले की गुलामगिरी और पेरियार का आत्मसम्मान आंदोलन
जोतीराव फुले ने 1873 में गुलामगिरी की रचना की और बहुजनों को उनकी गुलामी की मानसिकता से परिचित...
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