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Swadesh Kumar Sinha

Memoir: When Rajendra Yadav visited Gorakhpur
Both Rajendra Yadav and Namvar Singh participated in a seminar on Premchand in Gorakhpur University. At the seminar,...
अंतत: सवर्णों के पक्ष में आया एक सामाजिक न्याय विरोधी फ़ैसला
भाजपा ने पहले चरण में दलित, पिछड़े और अन्य पिछड़े जातियों के अंतर्विरोधों का फ़ायदा उठाया तथा अति...
संस्मरण : गाेरखपुर में राजेंद्र यादव
नब्बे के दशक में वे एक बार गोरखपुर आए थे। गोरखपुर विश्वविद्यालय में तब प्रेमचंद पीठ की स्थापना...
मुलायम सिंह यादव : सियासत में ऊंची जातियों के वर्चस्व के भंजक
मुलायम सिंह यादव ने एक सपना देखा– दलित-पिछड़ों की एकता का सपना या यह कहना चाहिए कि बहुजन...
भारतीय समाज में व्याप्त पूर्व-आधुनिक सोच का असर
देश भर में दलितों, पिछड़ों और‌ आदिवासियों के नरसंहार तथा उनके साथ ‌भेदभाव एवं गैरबराबरी से इतिहास भरा...
जातिवाद की बीमारी से कब उबरेंगे देश के मेडिकल कॉलेज?
डा. किरीत प्रेमजी भाई सोलंकी के नेतृत्व वाली संसदीय कमेटी की रपट के मुताबिक सामाजिक तौर पर उत्पीड़ित...
The story of the Premchand Sahitya Sansthan in Gorakhpur
As students at Gorakhpur University, my friends and I acutely felt that if we were to fight the...
कबीर पर एक महत्वपूर्ण पुस्तक 
कबीर पूर्वी उत्तर प्रदेश के संत कबीरनगर के जनजीवन में रच-बस गए हैं। अकसर सुबह-सुबह गांव कहीं दूर...
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