सार्वजनिक क्षेत्र को एससी, एसटी व्यवसायियों से जोडऩे की तैयारी

वित्तीय वर्ष 2015-16 से, केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों के लिए यह आवश्यक होगा कि वे अपने लिए कच्चा माल और सेवाओं का कम से कम 20 प्रतिशत, मध्यम, लघु व सूक्ष्म इकाईयों से लें

नई दिल्ली : वित्तीय वर्ष 2015-16 से, केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों के लिए यह आवश्यक होगा कि वे अपने लिए कच्चा माल और सेवाओं का कम से कम 20 प्रतिशत, मध्यम, लघु व सूक्ष्म इकाईयों से लें। एमएसएमई मंत्री कलराज मिश्र ने लोकसभा को बताया कि रेलवे सहित सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों ने इस आशय के केंद्र सरकार के सन 2012 के आदेश का पालन नहीं किया। उस समय सरकार ने यह आदेश भी दिया था कि सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों को अपनी कुल खरीदी का कम से कम 4 प्रतिशत हिस्सा, अनुसूचित जातियों, जनजातियों के सदस्यों के स्वामित्व वाली इकाईयों से खरीदी के लिए आरक्षित करना चाहिए। मिश्रा ने कहा कि सरकार, सार्वजानिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों को इस लक्ष्य की प्राप्ति में मदद करने के लिए कई कदम उठा रही हैं, जिनमें प्रदायक जागरूकता कार्यक्रम व सम्बंधित व्यक्तियों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन शामिल है।

(फारवर्ड प्रेस के फरवरी, 2015 अंक में प्रकाशित )


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