h n

रिपोर्ट

-

क्लिक करें :

Odisha: Closure/merger of low-attendance schools will hurt SC and ST students the most 

 उपरोक्त सामग्री अभी सिर्फ अंग्रेजी में उपलब्ध है। अगर आप इसका हिंदी अनुवाद करना चाहते हैं तो कृपया संपर्क करें। गुणवत्तापूर्ण अनुवादों को हम आपके नाम के साथ प्रकाशित करेंगे।  Email : editor@forwardpress.in


[फारवर्ड  प्रेस भारत के  सामाजिक व सांस्कृतिक रूप से दबाए गए तबकों – यथा, अन्य पिछडा वर्ग, अनुसूचित जनजातियों, विमुक्त घुमंतू जनजातियों, धर्मांतरित अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दों को आवाज देने लिए प्रतिबद्ध है। यह एक द्विभाषी (अंग्रेजी-हिंदी) वेबसाइट है। हम हर सामग्री  हिंदी व अंग्रेजी में प्रकाशित करते हैं, ताकि इन्हें यथासंभव देश-व्यापी पाठक वर्ग मिल सके। लेखक व स्वतंत्र पत्रकार अपने लेख दोनों में से किसी एक भाषा में भेज सकते हैं।

फारवर्ड प्रेस के इस अभियान का सुचारू रूप से संचालन के लिए ऐच्छिक योगदान करने के इच्छुक अनुभवी अनुवादकों का  स्वागत है]

मुखपृष्ठ पर जाने के लिए यहां क्लिक करें :

लेखक के बारे में

दीपक कुमार नंदा

संबंधित आलेख

सामाजिक न्याय की कब्रगाह और कारपोरेट लूट का केंद्र बनने की राह पर बिहार
नीतीश कुमार के 27 सदस्यीय नए मंत्रिमंडल में ऊंची जाति हिंदू 8, अतिपिछड़े हिंदू 5, पिछड़े हिंदू 8, दलित 5 और एक मुसलमान हैं।...
बिहार चुनाव जीत कर भी हार गए नीतीश कुमार
शपथ समारोह में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उप-मुख्यमंत्रियों, छोटे-बड़े नेताओं के भारी जुटान के बीच नीतीश तो अलग-थलग पड़े थे। प्रधानमंत्री...
युवा पीढ़ी को बाबा साहब के विचारों से दूर क्यों किया जा रहा है?
संविधान सभा की चर्चाओं में‌ आप देखेंगें कि संविधान के प्रारूप, इसके प्रावधानों और मूल्यों को कौन डिफेंड कर रहा है? वे थे डॉ....
बिहार : अब जगदेव फॉर्मूला की जरूरत
जब कहा गया कि दस का शासन नब्बे पर नहीं चलेगा तो इस पर पिछड़े वर्ग के राजनेताओं द्वारा अमल किया जाना चाहिए था।...
बिहार की अठारहवीं विधानसभा की सामाजिक बुनावट
सभी जातियों में राजपूतों का प्रतिनिधित्व सबसे ज्यादा है। पिछड़े वर्गों में कुशवाहों और उनके बाद यादवों की संख्या सबसे अधिक है। अति पिछड़े...