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Arun Narayan

‘तब जब राहुल सांकृत्यायन ने मुझसे कहा– अपनी कविता फिर से सुनाओ’
बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे बाबूलाल मधुकर अपने मगही उपन्यास ‘रमरतिया’ और ‘अलगंठवा’ चर्चित रहे। मगही में...
सुरेन्द्र स्निग्ध : एक प्रतिबद्ध बहुजन पक्षकार
प्रो. सुरेन्द्र स्निग्ध की ख्याति एक कवि के रूप में ज्यादा चर्चाओं में रही। उनके काव्य स्वभाव का...
फुले के कर्म आधुनिक भारत के निर्माण में मील के पत्थर
जोतीराव फुले के परिनिर्वाण दिवस की पूर्व संध्या पर पटना में आयोजित एक गोष्ठी को संबोधित करते हुए...
मैंने भी ‘चमरासुर’ लिखकर अभिव्यक्ति का खतरा उठाया है : शमोएल अहमद
हालत यह है कि हम विरोध भी नहीं कर सकते हैं। तुरंत देशद्रोह का मुकदमा कर दिया जाएगा।...
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