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Ambreen Aftab

बहुजन समाज की जिजीविषा की जीवंत दस्तावेज़
बहुजनों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को दयनीय बनाए रखने का जो षड्यंत्र पीढ़ियों से चला आ रहा है, प्रेमचंद...
जाति-विमर्श के आईने में डॉ. राही मासूम रजा के उपन्यास
उच्चता की ग्रंथि से पीड़ित जातियों के उच्छश्रृंखल व्यवहार और जातीय अहंकार का राही जिस निर्ममता से विवेचन...
Rahi Masoom Raza’s novels as seen through the prism of caste discourse
Rahi Masoom Raza’s brutal analysis of the perversities and unbridled haughtiness of the upper castes bares the horrors...
Rahi Masoom Raza’s novels as seen through the prism of caste discourse
Rahi Masoom Raza’s brutal analysis of the perversities and unbridled haughtiness of the upper castes bares the horrors...
जाति-विमर्श के आईने में डॉ. राही मासूम रजा के उपन्यास
उच्चता की ग्रंथि से पीड़ित जातियों के उच्छश्रृंखल व्यवहार और जातीय अहंकार का राही जिस निर्ममता से विवेचन...
‘जाति का विनाश चाहते थे रेणु’
प्रो. जितेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक, अपनी रचनाओं के माध्यम से सर्वप्रथम रेणु जी ने अलग-अलग जाति-आधारित राजनीतिक संगठनों...