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स्मृतियां शेष : मुक्ति तिर्की के कारण झामुमो को मिला था ‘तीर-धनुष’
झामुमो की आज की पीढ़ी को इस बात का पता नहीं होगा कि यह मुक्ति तिर्की का कितना बड़ा योगदान था झामुमो को राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दिलाने में। लेकिन इससे इस बात...
यूजीसी रेगुलेशन : सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, लेकिन सवाल जस के तस
केवल ‘भेदभाव’ की परिधि में ओबीसी को शामिल करने भर से जब ऊंची जातियों के लोग पूरा आसमान सिर पर उठाकर बवाल काट रहे हैं तब जिस दिन निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में एससी, एसटी...
बिहार की अठारहवीं विधानसभा की सामाजिक बुनावट
सभी जातियों में राजपूतों का प्रतिनिधित्व सबसे ज्यादा है। पिछड़े वर्गों में कुशवाहों और उनके बाद यादवों की संख्या सबसे अधिक है। अति पिछड़े वर्गों और अनुसूचित जातियों में क्रमशः धानुक और रविदास जातियों की...
मध्य प्रदेश : छोटे किसानों की बदहाली के मायने
सूबे में सीमांत एवं लघु किसानों की संख्या सबसे अधिक है जो कि अपनी आजीविका के लिए केवल कृषि पर निर्भर हैं। ग्रामीण किसानों की ऐसी पिछड़ी स्थिति क्षेत्रीय स्तर पर भी देखी जा सकती...
उत्तर प्रदेश में बसपा : राजनीतिक फलक पर दलित प्रतिनिधित्व की वैचारिक भूमि (चौथा भाग) 
बहुजन से सर्वजन की राजनीति में मुस्लिम समुदाय मायावती के साथ आ तो रहा था, लेकिन मायावती का...
Shouldn’t the courts lead the way in shaking off patriarchal mindset?
Instead of perpetuating and fueling the patriarchal mindset prevalent in society, the judiciary should mindfully assume greater responsibility...
Christmas signifies hope, love, peace and joy in uncertain times
Like the shepherds, I understand the significance of that birth over two thousand years ago when God entered...
SAD-BSP alliance in Punjab: Farm-laws wound is too raw and Dalit disaffection too deep
The SAD is reeling from the Jat-Sikh anger against the new farm laws and, despite a third of...
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