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किताबें

आरएसएस की कथनी और करनी का भेद बताती किताब
संघ भले ही अपने प्रातः काल के एकात्मता मंत्र – सुभाषः प्रणवानंदः क्रांतिवीरो विनायकः ठक्करो भीमरावश्च फुले नारायणो गुरुः – में डॉ. आंबेडकर, फुले और नारायण गुरु का नाम जोड़ दे, लेकिन यह सब उसने...
नहीं हो सकता आंबेडकर के विचारों का पुनर्लेखन
इस पुस्तक का मुख्य संदेश यही है कि इन दिनों आंबेडकर के लेखन और भाषणों के चुनिंदा हिस्सों का इस्तेमाल कर उन्हें ‘राष्ट्रवादी’ बताया जा रहा है और जाति और ब्राह्मणवाद की उनकी आलोचना को...
‘शूद्र विद्रोह’ : एक कंपल्सरी रीडिंग
कांचा आइलैय्या शेपर्ड की यह पुस्तक शूद्र कहने से केवल ओबीसी वर्गों की ओर इशारा नहीं करती, बल्कि दलित, आदिवासी और पिछड़े सभी को शूद्र मानती है। इन तीनों वर्गों के पारस्परिक सम्मिलित क्रांति से...
हिंदुत्व की वैचारिक जड़ों को चुनौती देती किताब
यह पुस्तक लेखक के पूर्व आरएसएस सदस्य होने के कारण अंदरूनी और अधिक प्रामाणिक है। यह शैक्षणिक से ज्यादा आंदोलनकारी-शोधपरक साहित्य है, जो बहुजन साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान रखता है और हिंदुत्व की वैचारिक जड़ों...
आंबेडकरवाद की रोशनी में आरएसएस का द्विज राष्ट्रवाद (परत-दर-परत पड़ताल) बिक्री के लिए उपलब्ध
आज ही घर बैठे खरीदें भंवर मेघवंशी की यह किताब। अमेजन पर भी उपलब्ध। सीधे हमसे खरीदने पर...
‘शूद्र विद्रोह : ताकि बन सके आत्मनिर्भर भारत’ किताब बिक्री के लिए उपलब्ध
कुल 11 अध्यायों वाले इस किताब में प्रो. शेपर्ड बताते हैं कि छिटपुट तौर पर ही सही, शूद्रों...
सामाजिक न्याय की जमीनी दास्तान (इतिहास का पुनरावलोकन)
कुल आठ अध्यायों में विभाजित इस किताब में पाठक उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु आदि राज्यों में...
सावित्रीबाई फुले की कविताओं के इतिहासपरक संदर्भ
सावित्रीबाई फुले की कुशाग्रता का परिचय इतिहास की उनकी गहरी समझ से मिलती है। उन्होंने शूद्र शब्द का...
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