परिजनों को टिकट का भरोसा मिलने पर मान गए रामविलास पासवान!

रामविलास पासवान अब एनडीए का हिस्सा बने रहेंगे। अमित शाह के साथ मुलाकात के बाद जो तस्वीर बनती दिख रही है, उसके अनुसार इस बार उनके पुत्र और दोनों भाईयाें के अलावा पत्नी रीना पासवान भी चुनाव लड़ेंगी। हालांकि अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। वजह यह कि जदयू और भाजपा के बीच भी 9 सीटों का मामला सलटना शेष है

बीते दो दिनों में दिल्ली का सियासी गलियारा बिहार के सियासी उठापटक का गवाह बना। पहले केंद्रीय मंत्री व राष्ट्रीय लोकतांत्रिक समता पार्टी (रालोसपा) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया और फिर कांग्रेस मुख्यालय जाकर महागठबंधन में शामिल होने का ऐलान कर दिया। इसके बाद लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) प्रमुख व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने जब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से अलग होने के संकेत दिया तब भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने हस्तक्षेप किया। अब जो तस्वीर बनती दिख रही है उसके मुताबिक रामविलास पासवान मान गए हैं और वे एनडीए के घटक बने रहेंगे।

रामविलास की पत्नी लड़ेंगी चुनाव, खुद बनेंगे राज्यसभा सांसद

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार एनडीए के घटक के रूप में लोजपा को बिहार में जो छह सीटें मिली हैं, उनमें हाजीपुर से उसके राज्य अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस चुनाव लड़ेंगे। अब तक हाजीपुर से जीतते रहे पार्टी अध्यक्ष रामविलास पासवान को असम से राज्यसभा भेजा जाएगा। एनडीए से समझौते के अनुसार, रामविलास पासवान राज्यसभा में जाएंगे तो हाजीपुर से बिहार अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस पार्टी उम्मीदवार होंगे। हालांकि इस सीट से पार्टी प्रमुख की पत्नी रीना पासवान के उम्मीदवार होने की चर्चा भी जोरों पर है। इसके अलावा रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान और दूसरे भाई रामचंद्र पासवान के लिए भी सीटें दी जाएंगी।

हो गया समझौता। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ रामविलास पासवान व उनके पुत्र चिराग पासवान

समझौते के मुताबिक बिहार में लोजपा की छह सीटों में चार-हाजीपुर, जमुई, समस्तीपुर, खगड़िया पुरानी होंगी। मुंगेर और वैशाली सीटों के बदले पार्टी को नवादा और एक दूसरी सीट मिलेगी। हालांकि, खगड़िया सीट पर अभी असमंजस कायम है। भाजपा यह सीट लोजपा को देने को तैयार है, लेकिन संभवना है कि वहां से जीते लोजपा सांसद महमूद अली कैसर एनडीए से अलग हो जाएं। ऐसी स्थिति में लोजपा अपने पसंद की कोई दूसरी सीट लेगी।

पत्नी रीना पासवान के संग रामविलास पासवान

उल्लेखनीय है कि लोजपा ने गत चुनाव में वैशाली, हाजीपुर, जमुई, समस्तीपुर, खगड़िया, मुंगेर और नालंदा सीट पर उम्मीदवार दिया था। नालंदा सीट से पार्टी चुनाव हार गई थी। शेष छह सीटों पर उसके उम्मीदवार जीते थे। वैशाली से जीते रामाकिशोर सिंह ने लोजपा से चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी है।

ऐसे बनी रामविलास की बात

उपेंद्र कुशवाहा के एनडीए से अलग होने के बाद रामविलास पासवान और उनके सांसद पुत्र चिराग पासवान ने विद्रोही तेवर अख्तियार कर लिया था। चिराग पासवान ने आगे बढ़कर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की तारीफ तो की ही, उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव को भी अच्छे नेता की संज्ञा दी। इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाया। लिहाजा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव को डैमेज कंट्रोल के लिए प्रतिनियुक्त किया। इस क्रम में भूपेंद्र यादव रामविलास पासवान के घर गए और वहां उन्हें उनके सांसद पुत्र को संग लेकर अपने दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पास पहुंचे।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह

बहरहाल, बिहार में जो सीट शेयरिंग की स्थिति बनती दिख रही है, उसके मुताबिक 40 सीटों में भाजपा और जदयू 17-17 सीटों पर और लोजपा को 6 सीटें मिलेंगी। ऐसे में भाजपा के समक्ष संकट यह है कि एक तो उन्हें अपने पांच सीटिंग सांसदों के टिकट काटने की चुनौती है। साथ ही उसे जदयू के साथ सीट बंटवारे का मसला भी हल करना है। वजह यह है कि दोनों के बीच 9 सीटें ऐसी हैं जहां विवाद होना निश्चित है।

(कॉपी संपादन : एफपी डेस्क)


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