h n

फारवर्ड प्रेस की खबर का असर : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने लिया संज्ञान

फारवर्ड प्रेस की खबर पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा है कि भ्रामक कॉल्स करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तथा यह भी कहा गया है कि दिल्लीवासी मतदाता सूची में अपना नाम जानने के लिए 1950 नम्बर पर फोन कर या फिर 7738299899 पर एसएमएस भेज सकते हैं

मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम काटने की सूचना वाली फारवर्ड प्रेस की खबर पर दिल्ली के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी डाॅ. रणवीर सिंह ने संज्ञान लिया है।  उन्होंने कहा है कि मतदाता सूची में नाम कटवाने और जुड़वाने को लेकर लोगों को  कॉल्स करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने दिल्ली के लोगों को ऐसी भ्रामक कॉल्स से सावधान रहने की सलाह भी दी है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से 9 फरवरी 2019 को यह तब कहा गया, जब फारवर्ड प्रेस ने 7 फरवरी 2019 को वोटर लिस्ट मामले पर ‘आखिर क्यों सनसनी फैलाना चाहती है आम आदमी?’ नामक शीर्षक से एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थी।   फारवर्ड प्रेस के संज्ञान में यह खबर तब आई, जब फारवर्ड प्रेस के प्रबंध संपादक प्रमोद रंजन और अंग्रेजी-संपादक अनिल वर्गीज को भी ऐसी कॉल्स आईं।  कॉल करने वाली महिला ने दावा किया कि वह आम आदमी पार्टी की ओर से बोल रही है। उसने प्रमोद रंजन और अनिल वर्गीज को बताया कि उनके नाम दिल्ली की वोटर लिस्ट से भाजपा के इशारे पर काट दिए गए हैं।  कॉल करने वाली महिला ने कथित तौर नाम काटे जाने को धार्मिक आधार पर अंजाम दिए जाने के भी संकेत किए। फारवर्ड प्रेस इन फोन कॉल्स को गंभीरता से लेते हुए इसकी पड़ताल की। पड़ताल में पाया गया कि फारवर्ड प्रेस के संपादकों का नाम काटे जाने की बात झूठी थी। उनके नाम वेाटर लिस्ट में मौजूद  मिले। साथ ही पड़ताल में यह भी मालूम चला कि दिल्ली भर में अनेक लोगों को इसी तरह कॉल्स की जा रही हैं, जिससे लोगों में बेचैनी है।  गहरी पड़ताल करने के बाद फारवर्ड प्रेस ने यह खबर प्रकाशित की और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम, भाजपा नेता मनोज तिवारी सहित अनेक लोगों से पूछताछ की। इतना ही नहीं इसके लिए फारवर्ड टीम विधान सभा क्षेत्र-57 पटपड़गंज के मतदाता केंद्र भी गई। मनोज तिवारी का कहना है कि भाजपा की ओर से इस मामले में रिपोर्ट भी कराई गई है। वहीं, फारवर्ड प्रेस की खबर में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अनेक लोगों व भाजपा नेताओं ने के दिल्ली के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से शिकायत दर्ज कराई है।

7 फरवरी को फारवर्ड प्रेस द्वारा प्रकाशित इसी खबर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने लिया संज्ञान

इसके बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रेस नोट जारी किया है, जिसमें कहा गया है  कि मतदाता सूची में नाम कटवाने और जुड़वाने को लेकर लोगों को कॉल्स करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस संबंध में  कड़ा एतराज भी जताया है। जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि सीईओ दिल्ली को जानकारी मिली है कि कई नागरिकों को अज्ञात व्यक्तियों/संस्थाओं/स्रोतों से बड़े पैमाने पर फोन कॉल्स की जा रही  हैं। इन्हें बताया जा रहा है कि मतदाता सूची से उनका नाम हटा दिया गया है, जिसे वे जुड़वा रहे हैं।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रणवीर सिंह

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कड़ा एतराज जताया। जारी विज्ञप्ति में बताया है कि सीईओ दिल्ली को जानकारी मिली है कि कई नागरिकों को अज्ञात व्यक्तियों/संस्थाओं/स्त्रोतों से बड़े पैमाने पर फोन कॉल्स किए जा रहे हैं। इन्हें बताया जा रहा है कि मतदाता सूची से उनका नाम हटा दिया गया है, जिसे वे जुड़वा रहे हैं।

 इसे भी पढें : आखिर क्यों सनसनी फैलाना चाहती है आम आदमी पार्टी?

विज्ञप्ति में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने साफ कहा है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने का अधिकार सिर्फ निर्वाचन अधिकारी का है। यदि किसी का नाम गलत तरीके से कटता है, तो इसके खिलाफ कोई भी पात्र नागरिक सीधे निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को आवेदन कर सकता है। इसके साथ-साथ 1950 नंबर पर कॉल करके या फिर 7738299899 पर एसएमएस भेजकर मतदाता सूची में अपने नाम की जांच कर सकता है। अगर किसी का नाम छूट गया हो, तो वह आयोग के कार्यालय में जाकर अपना नाम जोड़ने की अपील  कर सकता है। इसके लिए उसे एक फॉर्म भरना होगा और जरूरी कागजात उसके साथ जमा कराने होंगे।

बहरहाल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, मतदाता सूची से नाम काटने में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। जो भी नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं, वो नियमों के अनुसार सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही कटे हैं। किसी का नाम अगर गलत कटा है, तो जरूरी कागजात के साथ चुनाव कार्यालय आएं, उनका नाम जरूर जोड़ा जाएगा।

 

(कॉपी संपादन : प्रेम बरेलवी/डेस्क)

[परिवर्द्धित : 11 फरवरी, 2019, 2: 28 PM]


फारवर्ड प्रेस वेब पोर्टल के अतिरिक्‍त बहुजन मुद्दों की पुस्‍तकों का प्रकाशक भी है। एफपी बुक्‍स के नाम से जारी होने वाली ये किताबें बहुजन (दलित, ओबीसी, आदिवासी, घुमंतु, पसमांदा समुदाय) तबकों के साहित्‍य, सस्‍क‍ृति व सामाजिक-राजनीति की व्‍यापक समस्‍याओं के साथ-साथ इसके सूक्ष्म पहलुओं को भी गहराई से उजागर करती हैं। एफपी बुक्‍स की सूची जानने अथवा किताबें मंगवाने के लिए संपर्क करें। मोबाइल : +917827427311, ईमेल : info@forwardmagazine.in

फारवर्ड प्रेस की किताबें किंडल पर प्रिंट की तुलना में सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं। कृपया इन लिंकों पर देखें

 

मिस कैथरीन मेयो की बहुचर्चित कृति : मदर इंडिया

बहुजन साहित्य की प्रस्तावना 

दलित पैंथर्स : एन ऑथरेटिव हिस्ट्री : लेखक : जेवी पवार 

महिषासुर एक जननायक’

महिषासुर : मिथक व परंपराए

जाति के प्रश्न पर कबी

लेखक के बारे में

कुमार समीर

कुमार समीर वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सहारा समेत विभिन्न समाचार पत्रों में काम किया है तथा हिंदी दैनिक 'नेशनल दुनिया' के दिल्ली संस्करण के स्थानीय संपादक रहे हैं

संबंधित आलेख

चुनाव के तुरंत बाद अरूंधति रॉय पर शिकंजा कसने की कवायद का मतलब 
आज़ादी के आंदोलन के दौर में भी और आजाद भारत में भी धर्मनिरपेक्षता और वास्तविक लोकतंत्र व सामाजिक न्याय के सवाल को ज्यादातर निर्णायक...
अब संसद मार्ग से संसद परिसर में नज़र नहीं आएंगे डॉ. आंबेडकर
लोगों की आंखों में बाबा साहेब को श्रद्धांजलि देने की अधीरता साफ दिख रही थी। मैंने भारत में किसी राजनीतिक जीवित या मृत व्यक्ति...
एनईईटी : केवल उच्च वर्ग, उच्च जातियों और शहरी छात्रों को डाक्टर बनाने की योजना
भारत में गरीब और निम्न मध्यवर्ग के दायरे में आने वाली बहुलांश आबादी आदिवासियों, दलितों और पिछड़ों की है। एनईईटी की संरचना ने मेडिकल...
बिहार : 65 प्रतिशत आरक्षण पर हाई कोर्ट की रोक, विपक्षी दलों की सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की मांग
राजद के राज्यसभा सदस्य प्रो. मनोज झा और भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में...
किसानों की नायिका बनाम आरएसएस की नायिका
आरएसएस व भाजपा नेतृत्व की मानसिकता, जिसमें विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को खालिस्तानी बताना शामिल है, के चलते ही कंगना रनौत की इतनी...