सूरज एंगडे की पुस्तक ‘कास्ट मैटर्स’ का विमोचन 30 जुलाई को

दलित-बहुजनों के विषयों पर वैचारिक-सैद्धांतिक लेखन करने वाले सूरज एंगडे की नयी किताब ‘कास्ट मैटर्स’ प्रकाशित हो चुकी है। इसका विमोचन 31 जुलाई को सीएसडीएस, दिल्ली के सभागार में होगा। कमल चंद्रवंशी की खबर

हार्वर्ड केनेडी स्कूल के दलित शोधार्थी सूरज एंगडे की नई पुस्तक ‘कास्ट मैटर्स’ (जाति मायने रखती है) का विमोचन 30 जुलाई को होगा। दिल्ली के सेंटर फॉर स्टडीज ऑफ डेवलपिंग सोसायटीज (सीएसडीएस) के सेमिनार हॉल में होने वाले इस आयोजन की अध्यक्षता अनन्या वाजपेयी करेंगी। वहीं जेएनयू के समाज शास्त्र के प्रोफेसर सुरिंदर एस. जोधका और राजनीति अध्ययन केंद्र के असिस्टेंट प्रोफेसर हरीश एस. वानखेड़े मुख्य वक्ता होंगे।

पेंग्विन प्रकाशन द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार पुस्तक के लेखक सूरज एंगडे ने अपनी पुस्तक में भारतीय समाज में गहरे पैठ बनाती जाति व्यवस्था की अनेक परतों को सामने रखा है। ऐसा करते समय वे जातिवादी व्यवस्था के झंडाबरदारों को चुनौती भी देते हैं। साथ ही दलित बस्तियों में रहने और दलित होने के कई आतंकित करने वाली छायाएं पुस्तक में हैं। इसके अलावा दलितों के साथ रोज-ब-रोज होने वाले अपमान की पीड़ा का वर्णन किया गया है। इस किताब को खरीदने के लिए यहां क्लिक करें।

कास्ट मैटर्स पुस्तक का कवर और लेखक सूरज एंगडे की तस्वीर

वैचारिक-सैद्धांतिक लेखन के लिए कम उम्र में ही ख्याति पा चुके सूरज एंगडे ने अपनी इस पुस्तक में राजनीति, नौकरशाही और न्यायपालिका के आईने में दलित समुदाय के भीतर मौजूद विभाजन और अंतर्विरोध पर बेबाकी और ईमानदारी से लिखा है। वे यह भी सामने रखते हैं कि दलित कैसे एक तरफ ब्राह्मणवादी ताकतों से जूझता है, दूसरी तरफ वह अपने ही समाज में मौजूद कुलीन दलितों के भेदभाव का भी शिकार होता है।

गौरतलब है कि सूरज एंगडे हार्वर्ड केनेडी स्कूल के शोरेनस्टीन सेंटर में पोस्ट डॉक्टरल फैलो हैं। उन्होंने जिनेवा, लंदन और न्यूयॉर्क में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के साथ काम किया है। वे “कास्ट: ए ग्लोबल जर्नल ऑफ सोशल एक्सक्लूजन” के एसोसिएट संपादक हैं। उनके लेख इंडिया टुडे, द इंडियन एक्सप्रेस, हिंदुस्तान टाइम्स, इकोनॉमिक एंड पॉलिटिकल वीकली, हफ़िंगटन पोस्ट, द कन्वर्सेशन, ग्लोब पोस्ट, मेल एंड गार्जियन, साउथ एशिया: जर्नल ऑफ़ साउथ एशियन स्टडीज और सोशल ट्रांसफ़ॉर्मेशन जैसे प्रमुख प्रकाशनों में प्रकाशित होते रहे हैं।

(कॉपी संपादन : नवल)


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