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राजस्थान : बहुजन हितैषी सरकार को क्यों गिराना चाहती है भाजपा?

भाजपा ने राजस्थान में यह खेल क्यों खेला? राजनीतिक अस्थिरता के लिए भाजपा इतनी बेचैन क्यों नजर आ रही है? क्या इसके पीछे कोई वैचारिक कारण और सरकार के नीतिगत निर्णयों से बन रहे नए राजनीतिक-सामाजिक समीकरण हैं, बता रहे हैं भंवर मेघवंशी

राजस्थान में सियासी उठापटक जारी है। निशाने पर अशोक गहलोत की सरकार है जिसने हाल ही में दलितों, पिछड़ों व आदिवासियों के पक्ष में क्रांतिकारी फैसले लिये हैं। इन फैसलों में से एक अहम फैसला है मृत्योपरांत होने वाले श्राद्ध भोजों पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने का साहसिक निर्णय। सवाल यह है कि क्या भाजपा, जिसका केंद्रीय एजेंडा हिन्दुत्व है, वह गहलोत सरकार के इन फैसलों से इस कदर घबरा गयी है कि उसने लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गयी सरकार को अपदस्थ करने का फैसला किया है?

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लेखक के बारे में

भंवर मेघवंशी

भंवर मेघवंशी लेखक, पत्रकार और सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने आरएसएस के स्वयंसेवक के रूप में अपना सार्वजनिक जीवन शुरू किया था। आगे चलकर, उनकी आत्मकथा ‘मैं एक कारसेवक था’ सुर्ख़ियों में रही है। इस पुस्तक का अंग्रेजी अनुवाद हाल में ‘आई कुड नॉट बी हिन्दू’ शीर्षक से प्रकाशित हुआ है। संप्रति मेघवंशी ‘शून्यकाल डॉट कॉम’ के संपादक हैं।

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