h n

राजस्थान : आदिवासी मीणा समुदाय और आरएसएस आमने-सामने

राजस्थान आदिवासी मीणा सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक रामकेश मीणा ने सार्वजनिक रूप से चेतावनी देते हुए संघ को ललकारा और कह दिया कि आदिवासी समाज हिंदू नहीं है। उसका अपना धर्म है और वह प्रकृति पूजक समाज है। उस पर भगवा विचारधारा और परम्पराएं न थोपी जाये। यह आरएसएस को बेहद नागवार गुज़रा। भंवर मेघवंशी की खबर

राजस्थान की राजधानी जयपुर के घाट गेट इलाक़े में स्थित पहाड़ी पर आदिवासी मीणा समुदाय की आस्था से जुड़ा एक प्राचीन आमागढ़ (आम्बागढ़) क़िला है, जिसमें नाढ़ला गौत्र के मीणाओं की कुल देवी अंबाजी का मंदिर मौजूद है। हाल ही में हिंदुत्व के नाम पर वहां कुछ ऐसा किया गया है कि अब राजस्थान में आरएसएस और आदिवासी आमने सामने हो चुके हैं।

पूरा आर्टिकल यहां पढें : राजस्थान : आदिवासी मीणा समुदाय और आरएसएस आमने-सामने

लेखक के बारे में

भंवर मेघवंशी

भंवर मेघवंशी लेखक, पत्रकार और सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने आरएसएस के स्वयंसेवक के रूप में अपना सार्वजनिक जीवन शुरू किया था। आगे चलकर, उनकी आत्मकथा ‘मैं एक कारसेवक था’ सुर्ख़ियों में रही है। इस पुस्तक का अंग्रेजी अनुवाद हाल में ‘आई कुड नॉट बी हिन्दू’ शीर्षक से प्रकाशित हुआ है। संप्रति मेघवंशी ‘शून्यकाल डॉट कॉम’ के संपादक हैं।

संबंधित आलेख

‘आत्मपॅम्फ्लेट’ : दलित-बहुजन विमर्श की एक अलहदा फिल्म
मराठी फिल्म ‘आत्मपॅम्फलेट’ उन चुनिंदा फिल्मों में से एक है, जो बच्चों के नजरिए से भारतीय समाज पर एक दिलचस्प टिप्पणी करती है। यह...
मोदी के दस साल के राज में ऐसे कमजोर किया गया संविधान
भाजपा ने इस बार 400 पार का नारा दिया है, जिसे संविधान बदलने के लिए ज़रूरी संख्या बल से जोड़कर देखा जा रहा है।...
केंद्रीय शिक्षा मंत्री को एक दलित कुलपति स्वीकार नहीं
प्रोफेसर लेल्ला कारुण्यकरा के पदभार ग्रहण करने के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा में आस्था रखने वाले लोगों के पेट में...
आदिवासियों की अर्थव्यवस्था की भी खोज-खबर ले सरकार
एक तरफ तो सरकार उच्च आर्थिक वृद्धि दर का जश्न मना रही है तो दूसरी तरफ यह सवाल है कि क्या वह क्षेत्रीय आर्थिक...
विश्व के निरंकुश देशों में शुमार हो रहा भारत
गोथेनबर्ग विश्वविद्यालय, स्वीडन में वी-डेम संस्थान ने ‘लोकतंत्र रिपोर्ट-2024’ में बताया है कि भारत में निरंकुशता की प्रक्रिया 2008 से स्पष्ट रूप से शुरू...