author

Kancha Ilaiah Shepherd

श्रम की गरिमा : भारत में पवित्रता और प्रदूषण की अवधारणाएं
जब तक हम यह मानते रहेंगे कि शारीरिक श्रम केवल विशिष्ट जातियों और लिंग के व्यक्तियों के हिस्से...
सावरकर बनाम हम : गांधी की जगह सावरकर को राष्ट्रपिता बनाना चाहते हैं आरएसएस-भाजपा
आरएसएस-भाजपा और दक्षिणपंथी बुद्धिजीवी चाहते हैं कि गांधी-नेहरू की विरासत का स्थान सावरकर ले लें क्योंकि उन्हें पता...
उपराष्ट्रपति चुनाव : कांग्रेसी ओबीसी बनाम संघी ओबीसी
राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का अपना उम्मीदवार घोषित करने के बाद भाजपा ने एक अभियान शुरू कर दिया...
कैसे कांग्रेस ने आखिरकार पटेल और आंबेडकर को अपनाया?
राहुल गांधी के पहले तक कांग्रेस को कभी यह अहसास नहीं हुआ कि पटेल और आंबेडकर को वह...
आरएसएस का सीएमसी, वेल्लोर जैसा अस्पताल क्यों नहीं? कांचा काइतैय्या के जीवन से सबक
स्वाधीनता के बाद अगर किसी हिंदुत्ववादी ताकत का हमारे देश पर राज कायम हो गया होता और उसने...
‘अमेजिंग ग्रेस’ की मानिंद महत्वपूर्ण फिल्म
फिल्म के निर्माताओं से मेरी एक ही शिकायत है। फ़िल्म के शीर्षक में केवल जोतीराव क्यों? शीर्षक में...
हिंदुत्व में शूद्र : आत्मा-विहीन शरीर
अगर आप किसी समुदाय को पुरोहित बनने ही नहीं देंगे, अगर आप उसे आध्यात्मिक दर्शन का ज्ञान हासिल...
पसमांदा मुसलमानों को ओबीसी में गिनने से तेलंगाना में छिड़ी सियासी जंग के मायने
अगर केंद्र की भाजपा सरकार किसी भी मुसलमान जाति को ओबीसी में नहीं रखती है तब ऐसा करना...
और आलेख