author

Mohandas Namishray

गांधी, गाय और गोबर
पहले राजनीति के बाजार में गांधी को बेचा गया अब धर्म के बाजार में गाय बेचना जारी है।...
रूदन नहीं, संघर्ष व सृजन की गाथा है ‘एक मोची का अदबी जिंदगीनामा’
द्वारका भारती पंजाब के होशियारपुर में जूतियां बनाते हैं। साहित्य में इनकी गहरी अभिरूचि रही है। इनकी आत्मकथा...
सुजाता का चले जाना, जैसे किसी नदी का ठहर जाना
सुजाता पारमिता की मां कौशल्य बैसंत्री संघर्ष से होकर आई थीं। फिर बेटी कैसे पीछे रहती। संघर्ष तो...
दलित पैंथर आंदोलन : जैसा मैंने पाया
मोहनदास नैमिशराय बता रहे हैं कि दलित पैंथर की सफलता में दलित साहित्य की अहम भूमिका रही। मसलन...
More posts