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Omprakash Kashyap
When Jotirao Phule came to Dayanand Saraswati’s rescue
Omprakash Kashyap
Inviting Dayanand to Pune and helping him expand his footprint in Maharashtra was a pragmatic move on the...
जब दयानंद सरस्वती के विरोधियों के सामने खड़े हो गए फुले
ओमप्रकाश कश्यप
विभिन्न लेखकों द्वारा दिए गए विवरणों से पता चलता है कि दयानंद के जुलूस की तैयारी कर रहे...
गए थे जोतीराव को मारने, बन गए महान सत्यशोधक पंडित धोंडीराम नामदेव कुंभार
ओमप्रकाश कश्यप
संस्कृत तथा धर्म-शास्त्रों में प्रवीण होने के बावजूद धोंडीराम अपने सत्यशोधक होने के लक्ष्य से भटके नहीं थे।...
लोकायत केवल धर्म और ईश्वर का नकार नहीं, संपूर्ण जीवन-दर्शन था
ओमप्रकाश कश्यप
गणतांत्रिक प्रणाली के अस्तित्व में आने से पहले, लोकायत देशज व्यवस्था का हिस्सा था। उसमें छोटे-छोटे आत्मनिर्भर और...
‘तृतीय रत्न’ : जोतीराव फुले का नाटक जो 125 साल अंधेरे में रहा
ओमप्रकाश कश्यप
जोतीराव के लिए ‘तृतीय रत्न’ या ‘तीसरी आंख’ का आशय मानवीय विवेक से था। शूद्रातिशूद्रों की दोनों आंखें...
ब्राह्मण नहीं, श्रमण थे आयुर्वेद के प्रतिपादक (पहला भाग)
ओमप्रकाश कश्यप
श्रमणों की तरह, चिकित्सक भी ज्ञान के साधक थे। वे घूमते-फिरते, रोग का कारण तथा उसके लिए नई...
मिस्र बनाम सिंधु : भाषा और ज्ञान का उद्गम, प्रवाह व अवरोध
ओमप्रकाश कश्यप
भारत के संबंध में भाषा की खोज का सिलसिला भीमबेटका की पहाड़ियों तक ले जाता है। मध्य प्रदेश...
जोतीराव फुले के सहयोगी सत्यशोधक तुकाराम तात्या पडवळ
ओमप्रकाश कश्यप
तुकाराम तात्या पडवळ ने धर्म तथा जाति-आधारित शोषण को करीब से देखा था। धर्म के नाम पर पुजारी...
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