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Poonam Tushamad

योनि और सत्ता पर संवाद करतीं कविताएं
पितृसत्ता की जड़ें समाज के हर वर्ग में अत्यंत गहरी हो चुकी हैं। फिर चाहे वह प्रगतिशीलता के...
समय को साहित्य में दर्ज करनेवाले सजग रचनाकार थे ओमप्रकाश वाल्मीकि
ओमप्रकाश वाल्मीकि की पहचान एक दलित कवि, कहानीकार अथवा दलित रचनाकार के सीमित दायरे में समेट दी गई।...
क्या होता यदि कृष्णा सोबती के उपन्यास ‘सूरजमुखी अँधेरे के’ की नायिका दलित होती?
जिस समयावधि में कृष्णा सोबती यह उपन्यास लिख रही थीं, वह विभाजन और स्वतंत्र भारत का वह समय...
मुकेश मानस : स्मृतियों में शेष रहेगा मगहर का वाशिंदा
‘मगहर’ पत्रिका के संपादक, एक दर्जन से अधिक किताबों के लेखक, रचनाकार, कवि, समीक्षक और अनुवादक रहे मुकेश...
‘आग में डूबा कथानक’ तराशते कवि जगदीश पंकज का मुक्त स्वर
नवगीत परंपरा में जगदीश पंकज ही मात्र ऐसे कवि हैं, जिन्होंने हिंदी साहित्य में जन्मी इस नवीन गीत...
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