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RAMKRISHNA YADAV

जोतीराव फुले, जिन्होंने उलट दी ब्राह्मणवादी मान्यताएं
फुले के सत्यशोधक समाज की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसने सामाजिक सुधार को ‘ऊपर से नीचे’...
सामाजिक न्याय की दृष्टि वाले प्रखर विमर्शकार थे वीरेंद्र यादव
वीरेंद्र यादव की आलोचना दृष्टि का सबसे बड़ा योगदान यह है कि उन्होंने हिंदी आलोचना को एक नैतिक-सामाजिक...
‘गबन’ में प्रेमचंद का आदर्शवाद
प्रेमचंद ने ‘गबन’ में जिस वर्गीय-जातीय चरित्र को लेकर कथा बुना है उससे प्रतीत होता है कि कहानी...
असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली मामलें में बीपीएससी पर उठे सवाल, केंद्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने मांगा जवाब
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने बीपीएससी से दस दिनों के अंदर जवाब मांगा है। इसका सबब यह कि...
बीपीएसएसी : असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति में सवर्णों को 50 फीसदी आरक्षण
राज्य सरकार के नियम के मुताबिक आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी यदि मेरिट के आधार पर अनारक्षित कोटे में...
ओबीसी साहित्य का दार्शनिक आधार
ओबीसी की अवधारणा एक गतिशील अवधारणा है, जहाँ जातियों का वर्ग में रूपांतरण हो गया है और हो...
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