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हमारे नायक

जानिए, सामाजिक क्रांति के अग्रदूत रामस्वरूप वर्मा के बारे में
अर्जक संघ के माध्यम से रामस्वरूप वर्मा समाज में व्याप्त अंधविश्वास और सामाजिक-सांस्कृतिक कुरीतियों को नकारकर वैज्ञानिक सोच विकसित करने और मानववाद की स्थापना करने के लिए आजीवन प्रयासरत रहे। बता रहे हैं उपेंद्र पथिक
इतिहास के पन्नों में डॉ. आंबेडकर की धर्मांतरण संबंधी विचार यात्रा
सवर्ण हिंदुओं को इस्लाम और ईसाई धर्म अपनाने की अपनी झिझक दिखाने में आंबेडकर ने जानबूझकर उन्हीं मुस्लिम और ईसाई विरोधी धारणाओं और अफ़वाहों का इस्तेमाल किया जिसे हिंदुत्ववादी तत्व राष्ट्रवाद और भारतीयता के नाम...
स्वामी अछूतानंद ‘हरिहर’ का आदि-हिंदू आंदोलन और नवजागरणकालीन संपादकों का नजरिया
औपनिवेशिक भारत में जब स्वामी अछूतानंद ने पांच करोड़ अछूतों की हिंदू धर्म से अलग पहचान का दावा पेश किया तो हिंदी लेखक उनका विरोध करने पर उतारू हो गए। उन्होंने अपनी पत्र-पत्रिकाओं में अछूतानंद...
फुले दंपति की विरासत और मौजूदा दौर में संघर्ष व चुनौतियां
आज अनेक अवसरों पर फुले दंपति के नाम और व्यक्तित्व का सम्मान किया जाता है, लेकिन उनके मनुस्मृति-विरोधी, जाति-विरोधी और ब्राह्मणवादी ज्ञान-सत्ता की आलोचना करने वाले मूलगामी विचारों को अपेक्षाकृत कम महत्व दिया जाता है।...
मंगू राम मुगोवालिया, आद धर्म आंदोलन और रविदास पंथ का उदय
यद्यपि पंजाब के अछूत समुदाय में पहले से ही गुरु रविदास (रैदास) के प्रति गहन श्रद्धा भाव था...
जब दयानंद सरस्वती के विरोधियों के सामने खड़े हो गए फुले
विभिन्न लेखकों द्वारा दिए गए विवरणों से पता चलता है कि दयानंद के जुलूस की तैयारी कर रहे...
‘किसान का कोड़ा’ : फुले की वह कृति, जिसकी प्रासंगिकता आज भी है
फुले की इस कृति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह अपने समय से बहुत आगे की...
विमर्श : संतराम बी.ए. हिंदू संगठनकर्ता नहीं थे
जो आलोचक संतराम बी.ए. के विचारों और कामों को डॉ. आंबेडकर के विचारों के साथ जोड़कर उनका मूल्यांकन...
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