औपनिवेशिक भारत में जब स्वामी अछूतानंद ने पांच करोड़ अछूतों की हिंदू धर्म से अलग पहचान का दावा पेश किया तो हिंदी लेखक उनका विरोध करने पर उतारू हो गए। उन्होंने अपनी पत्र-पत्रिकाओं में अछूतानंद...
आज अनेक अवसरों पर फुले दंपति के नाम और व्यक्तित्व का सम्मान किया जाता है, लेकिन उनके मनुस्मृति-विरोधी, जाति-विरोधी और ब्राह्मणवादी ज्ञान-सत्ता की आलोचना करने वाले मूलगामी विचारों को अपेक्षाकृत कम महत्व दिया जाता है।...
यद्यपि पंजाब के अछूत समुदाय में पहले से ही गुरु रविदास (रैदास) के प्रति गहन श्रद्धा भाव था मगर आद धर्म आंदोलन ने अत्यंत प्रभावी तरीके से उनकी तस्वीरों का उपयोग कर राज्य की निम्न...
विभिन्न लेखकों द्वारा दिए गए विवरणों से पता चलता है कि दयानंद के जुलूस की तैयारी कर रहे रानाडे जैसे सुधारवादी नेताओं ने जुलूस से एक दिन पहले ही, जोतीराव से मदद मांगी थी। यह...