अर्जक संघ के माध्यम से रामस्वरूप वर्मा समाज में व्याप्त अंधविश्वास और सामाजिक-सांस्कृतिक कुरीतियों को नकारकर वैज्ञानिक सोच विकसित करने और मानववाद की स्थापना करने के लिए आजीवन प्रयासरत रहे। बता रहे हैं उपेंद्र पथिक
सवर्ण हिंदुओं को इस्लाम और ईसाई धर्म अपनाने की अपनी झिझक दिखाने में आंबेडकर ने जानबूझकर उन्हीं मुस्लिम और ईसाई विरोधी धारणाओं और अफ़वाहों का इस्तेमाल किया जिसे हिंदुत्ववादी तत्व राष्ट्रवाद और भारतीयता के नाम...
औपनिवेशिक भारत में जब स्वामी अछूतानंद ने पांच करोड़ अछूतों की हिंदू धर्म से अलग पहचान का दावा पेश किया तो हिंदी लेखक उनका विरोध करने पर उतारू हो गए। उन्होंने अपनी पत्र-पत्रिकाओं में अछूतानंद...
आज अनेक अवसरों पर फुले दंपति के नाम और व्यक्तित्व का सम्मान किया जाता है, लेकिन उनके मनुस्मृति-विरोधी, जाति-विरोधी और ब्राह्मणवादी ज्ञान-सत्ता की आलोचना करने वाले मूलगामी विचारों को अपेक्षाकृत कम महत्व दिया जाता है।...