आज अनेक अवसरों पर फुले दंपति के नाम और व्यक्तित्व का सम्मान किया जाता है, लेकिन उनके मनुस्मृति-विरोधी, जाति-विरोधी और ब्राह्मणवादी ज्ञान-सत्ता की आलोचना करने वाले मूलगामी विचारों को अपेक्षाकृत कम महत्व दिया जाता है।...
यद्यपि पंजाब के अछूत समुदाय में पहले से ही गुरु रविदास (रैदास) के प्रति गहन श्रद्धा भाव था मगर आद धर्म आंदोलन ने अत्यंत प्रभावी तरीके से उनकी तस्वीरों का उपयोग कर राज्य की निम्न...
विभिन्न लेखकों द्वारा दिए गए विवरणों से पता चलता है कि दयानंद के जुलूस की तैयारी कर रहे रानाडे जैसे सुधारवादी नेताओं ने जुलूस से एक दिन पहले ही, जोतीराव से मदद मांगी थी। यह...
फुले की इस कृति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह अपने समय से बहुत आगे की सोचती है। वे केवल किसानों की गरीबी का रोना नहीं रोते, वे उस व्यवस्था की संरचना को...