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Arun Anand

त्रिवेणी संघ स्थापना दिवस : वर्तमान की चुनौतियां और विरासत पर मंथन
श्रीकांत ने कहा कि 1967 के बाद बिहार की राजनीति में हाशिए के समाज की निर्णायक भागीदारी त्रिवेणी...
बिहार में किनकी जमीनों पर है सम्राट सरकार की नजर?
कारपोरेट परस्त राजनीति लंबे समय से ‘विकास’ के नाम पर भूमि को पूंजी में बदलने की राजनीति रही...
सामाजिक और राजनीतिक विमर्शों में नीतीश कुमार व उनकी सियासत 
यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह दौर वास्तव में ‘सुशासन’ का था, जैसा कि स्थापित मीडिया...
शिवनंदन पासवान : एक जीवट समाजवादी, जिन्हें राजनीतिक कारणों से किया जा रहा विस्मृत
शिवनंदन पासवान ने जिस दौर में राजनीति में प्रवेश किया, वह बिहार और देश की राजनीति के लिए...
आंबेडकरवादी प्रशिक्षण शिविर के दौरान राजद नेताओं ने विचारा आंबेडकरवाद
डॉ. लक्ष्मण यादव ने कहा कि यदि बिहार लेनिन जगदेव प्रसाद, जननायक कर्पूरी ठाकुर एवं अर्जक संघ के...
‘रामचरितमानस’ और जातिगत जनगणना के परिप्रेक्ष्य में बौद्धिक और सियासी कूपमंडूकता
जिस तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, उससे हिंदी क्षेत्र की राजनीति और विमर्शों की संकीर्ण दुनियाओं...
Uniform Civil Code: Another attempt at polarization on pretext of reform
As part of its slogan ‘one nation, one law’ the BJP has been talking up Uniform Civil Code....
समान नागरिक संहिता : सुधार के नाम पर एक और ध्रुवीकरण
भाजपा ने ध्रुवीकरण के लिए एक चाल ‘समान नागरिक संहिता’ को लेकर चली है। संसद में सरकार ने...
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