बगैर सामाजिक न्याय के देश विकसित नहीं हो सकता : त्रिपाठी

पिछड़ेपन को दूर करने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, खासकर ग्रामीण इलाकों में इस पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। उन सभी विचारों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए जिनसे देश का वास्तविक विकास हो। मीडिया में उन चीजों को शामिल किया जाए जिससे लोगों को जागरूक और शिक्षित किया जा सके

एनसीपी ने विशेष तौर पर सामाजिक न्याय को बढावा देने के लिए लगातार प्रयास किया है और करती रहेगी। बिना साामाजिक न्याय के देश को विकसित नहीं किया जा सकता है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास ज्यादा से ज्यादा करने की जरूरत है। आरक्षण से इसमें सहायता मिलेेगी इसमें दो राय नहीं। इस मुददे पर हमारी पार्टी लगातार जोर देकर कहती रही है कि महिलाओं की भागीदारी सभी क्षेत्रों में होनी चाहिए। हमारी पार्टी के नेता माननीय शरद पवार जी ने सबसे पहले महिलाओं की भागीदारी सभी जगह हो इसके लिए सार्थक प्रयास किया था। उन्होंने सामाजिक न्याय के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी के हित में कई कार्य किए हैं। हम उन सभी मुददों को प्राथमिकता देते हैं जिसमें कड़ी मेहनत करने वाले लोगों के अधिकार की बात होती है। धर्मनिरपेक्षता के आधार पर ही हम सरकार का साथ देते रहे हैं, क्योंकि हम धर्मनिरपेक्षता को सबसे बड़ा आधार मानते हैं, जिस पर खड़े होकर ही हम सभी को साथ लेकर चल सकते हैं और वास्तव में सामाजिक न्याय की स्थापना कर सकते हैं। उन सभी योजना को लागू करने की जरूरत है जिससे दलित, मजदूर, गरीब किसान को जमीनी लाभ पहुंचे।

पिछड़ेपन को दूर करने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, खासकर ग्रामीण इलाकों में इस पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। उन सभी विचारों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए जिनसे देश का वास्तविक विकास हो। मीडिया में उन चीजों को शामिल किया जाए जिससे लोगों को जागरूक और शिक्षित किया जा सके। इस पत्रिका फारवर्ड प्रेस को मीडिया जगत में एक नई सोच और आविष्कार के रूप में अगर देखा-परखा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। द्विभाषिक पत्रिका का ज्यादा से ज्यादा विस्तार होना चाहिए ताकि जनता को शिक्षा, साहित्य एवं समाज के प्रति जागरूक किया जा सके, साथ ही उसे सही जानकारी मिल सके। मैं इस पत्रिका को नव विचार और जमीनी पत्रकारिता के लिए शुभकामनाएं देता हूं।

(फारवर्ड प्रेस के जनवरी, 2013 अंक में प्रकाशित)


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