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Premkumar Mani

आंबेडकर की नजर में गांधी और गांधीवाद
गांधी-आंबेडकर के जाति-विषयक विचारों को भी यहां रखा गया है, जो 1936 के ‘जातिवाद का विनाश’ पुस्तिका के...
कुलीन धर्मनिरपेक्षता से सावधान
ज्ञानसत्ता हासिल किए बिना यदि राजसत्ता आती है तो उसके खतरनाक नतीजे आते हैं। एक दूसरा स्वांग धर्मनिरपेक्षता...
कुलीन धर्मनिरपेक्षता से सावधान
ज्ञानसत्ता हासिल किए बिना यदि राजसत्ता आती है तो उसके खतरनाक नतीजे आते हैं। एक दूसरा स्वांग धर्मनिरपेक्षता...
विशाखदत्त का नाटक ‘मुद्राराक्षस’ 
प्रेमकुमार मणि बता रहे हैं विशाखदत्त द्वारा 579-500 ईस्वी के दौरान लिखे गए नाटक मुद्राराक्षस के बारे में।...
अशोक के बाद
प्रेमकुमार मणि बता रहे हैं कि अशोक अपने साथ मौर्य साम्राज्य के शौर्य को भी लेता गया। जिस...
पियदसि लाजा मागधे : मगध का प्रियदर्शी राजा 
प्रेमकुमार मणि बता रहे हैं अशोक के बारे में। उनके मुताबिक, अशोक ने भारतवर्ष के लिए क्या कुछ...
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