मानवीय गरिमा की ओर यात्रा

अपने प्रयोगधर्मी नेचर के जरिए हिंदी सिने जगत में एक खास मुकाम हासिल कर चुके अभिनेता आमिर खान व स्टार इंडिया के सीईओ उदय शंकर ने महादलित माउंटेनमैन दशरथ मांझी को एक प्रेरकपुंज बताते हुए उनके दृढ़ हौसलों को सलाम किया

नई दिल्ली : सोशल डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा सावित्री बाई फुले की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में मैदानी स्तर की आवाजों को सुनना-समझना एक यादगार अवसर रहा। फाउंडेशन के उत्तरप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कार्यकर्ता इस अवसर पर इकट्ठा हुए और उन्होंने अपने काम के बारे में बताया। इनमें शामिल थीं हाथ से मैला साफ करने वाले समुदाय की महिलाएं, जिनने अपना पारंपरिक कार्य त्याग दिया है और जो अब सिलाई का काम कर रही हैं।

फाउंडेशन ने उन्हें केवल आर्थिक विकल्प नहीं उपलब्ध करवाया बल्कि परंपरागत, घृणित व गरिमाहीन कार्य से मुक्ति दिलाकर उन्हें गरिमापूर्ण मानवीय कार्य से जोड़ा। इस अवसर पर तसलीमा नसरीन भी उपस्थित थीं। उन्होंने दलित और मुस्लिम महिलाओं के संघर्ष की गाथा सुनी और यह जाना कि फाउंडेशन उनके संघर्ष में उनका साथ कैसे दे रहा है। कार्यक्रम में बाबू गोगिनेनी व नरेंद्र नायक ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर उत्तरप्रदेश के विभिन्न इलाकों से आए लगभग 50 कार्यकर्ताओं ने, जो समाज के हाशिये पर पटक दिए गए समुदायों के थे, अपने अनुभव साझा किए और अपने काम के बारे में बताया। सहारनपुर से आईं रेहाना ने प्राकृतिक रंगों से सजे अपने सिले हुए सुंदर कपड़े प्रदर्शित किए। उन्हें अपने अधिकारों के लिए प्रभुत्वशाली वर्गों से लम्बी लड़ाई लडऩी पड़ी और अंतत: उन्हें अपनी पुश्तैनी जायदाद पर हक मिला। संगीता ने देवरिया क्षेत्र में अत्यंत दमित समुदायों के बीच अपने काम के बारे में बताया। दिल्ली के अनेक कार्यकर्ता, शिक्षाशास्त्री व वकील इस अवसर पर मौजूद थे।  – विद्याभूषण रावत

 

माउंटेनमैन’ दशरथ मांझी एक प्रेरकपुंज

गया (बिहार) :  अपने प्रयोगधर्मी नेचर के जरिए हिंदी सिने जगत में एक खास मुकाम हासिल कर चुके अभिनेता आमिर खान व स्टार इंडिया के सीईओ उदय शंकर ने महादलित माउंटेनमैन दशरथ मांझी को एक प्रेरकपुंज बताते हुए उनके दृढ़ हौसलों को सलाम किया। सत्यमेव जयते सीजन-2, कार्यक्रम के सिलसिले में 11 मार्च को गया के अतरी प्रखंड स्थित गहलौर घाटी पहुंचे ‘लगान’ के भुवन ने मांझी के परिजनों से मुलाकात की और कहा कि स्टार इंडिया टीम की यूनिट शीघ्र ही उनकी सहायता के लिए पहल करने वाली है। इसके पहले गहलौर घाटी पहुंचे मिस्टर परफेक्शनिस्ट व सीईओ उदय शंकर ने माउंटेनमैन की समाधि स्थल पर श्रद्धासुमन भी अर्पित किए।

उधर, 1 मार्च को बिहार के राजद नेता राजेश रंजन उर्फ  पप्पू यादव भी गया जिले के गहलोर घाटी में स्थित दशरथ नगर में पहुंचे। वहां उन्होंने माउंटेनमैन दशरथ मांझी के पुत्र भागीरथ मांझी तथा पुत्रवधू बसंती देवी को एक लाख रुपये की नकद राशि दी तथा अपनी पत्नी और पूर्व सांसद रहीं रंजीता रंजन द्वारा संचालित संस्था ‘मां-माटी’ की ओर से जीवनभर दशरथ मांझी के परिवार को 10 हजार रुपये प्रति माह देने का आश्वासन भी दिया। -आशीष/पप्पू यादव

(फारवर्ड प्रेस के अप्रैल 2014 अंक में प्रकाशित)


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