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फारवर्ड प्रेस वेब पोर्टल के अतिरिक्‍त बहुजन मुद्दों की पुस्‍तकों का प्रकाशक भी है। एफपी बुक्‍स के नाम से जारी होने वाली ये किताबें बहुजन (दलित, ओबीसी, आदिवासी, घुमंतु, पसमांदा समुदाय) तबकों के साहित्‍य, सस्‍क‍ृति व सामाजिक-राजनीति की व्‍यापक समस्‍याओं के साथ-साथ इसके सूक्ष्म पहलुओं को भी गहराई से उजागर करती हैं। एफपी बुक्‍स की […]

फारवर्ड प्रेस वेब पोर्टल के अतिरिक्‍त बहुजन मुद्दों की पुस्‍तकों का प्रकाशक भी है। एफपी बुक्‍स के नाम से जारी होने वाली ये किताबें बहुजन (दलित, ओबीसी, आदिवासी, घुमंतु, पसमांदा समुदाय) तबकों के साहित्‍य, सस्‍क‍ृति व सामाजिक-राजनीति की व्‍यापक समस्‍याओं के साथ-साथ इसके सूक्ष्म पहलुओं को भी गहराई से उजागर करती हैं। एफपी बुक्‍स की सूची जानने अथवा किताबें मंगवाने के लिए संपर्क करें। मोबाइल : +919968527911, ईमेल : info@forwardmagazine.in

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बहुजन साहित्य की प्रस्तावना 

महिषासुर एक जननायक’

महिषासुर : मिथक व परंपराए

दलित पैंथर्स : एन ऑथरेटिव हिस्ट्री : लेखक : जेवी पवार 

जाति के प्रश्न पर कबी

चिंतन के जन सरोकार

 

लेखक के बारे में

अनिरूद्ध देशपांडे

डा. अनिरुद्ध देशपांडे दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में असोसिएट प्रोफ़ेसर हैं। पूर्व नेहरू फेलो डा. देशपांडे की तीन किताबें प्रकाशित हैं: ‘द ब्रिटिश राज एंड इट्स आर्म्ड फोर्सेज’(2002), ‘ब्रिटिश मिलिट्री पालिसी इन इंडिया 1900-1945’(2005), क्लास,पावर एंड कांशसनेस इन इन्डियन सिनेमा एंड टेलीविजन(2009), कई शोध पत्र, आलेख और समीक्षाएं भी प्रकाशित हैं। वे हाल में ‘तीन मूर्ती’ के लिए ‘मोतीलाल नेहरू सेंटेनरी बायोग्राफी फेलो’ चयनित हुए हैं। उनकी एक किताब: ‘नैवल म्युटिनी एंड स्ट्रीट नेशनलिज्म’ प्राइमस बुक्स से शीघ्र प्रकाश्य है।

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