h n

कांग्रेस, बसपा, सपा और राजद जान लें कि बीच का कोई रास्ता नहीं होता!

कांग्रेस, सपा-बसपा और राजद जैसी विपक्षी पार्टियां संघ और उसकी विचाराधारा को देश एवं समाज के लिए गंभीर खतरा कहती हैं, लेकिन सच तो यह है कि इन पार्टियों के पास भी संघ को चुनौती देने वाली कोई विचारधारा नहीं है। बता रहे हैं कंवल भारती :

मिथकों और किंवदंतियों में आता है कि जब शूद्र तप करता है, या असुर दहाड़ता है, तो ब्राह्मण-राज इंद्र का सिंहासन हिलने लगता है।मैं यह तो नहीं कहूँगा कि राहुल गाँधी शूद्र या असुर हैं, पर लन्दन में आरएसएस (संघ) के खिलाफ उन्होंने जो हुंकार भरी है, उससे संघ का सिंहासन भले ही न हिला हो, पर उसके मुखिया जरूर हिल गए हैं। परिणामत: राहुल पर चौतरफा हमला शुरू हो गया है। उसे नादान,नासमझ, सुपारी लेकर देश को बदनाम करने वाला और देशद्रोही सब कुछ कहा जा रहा है। निस्संदेह, राहुल गाँधी ने सात समन्दर पार के मुल्कों में संघ की असलियत बता कर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के उस झूठ का पर्दाफ़ाश कर दिया है, जो वहां भारत की झूठी तस्वीर पेश करके आते हैं। राहुल की वाकई तारीफ करनी होगी कि जो बात भारत में भी कोई कहने की हिम्मत नहीं जुटा सका, वह बेधड़क होकर राहुल ने लन्दन में कह दी कि संघ कई देशों में प्रतिबंधित मुस्लिम ब्रदरहुड जैसा संगठन है, जिसका काम गैर-हिन्दुओं में दहशत फैलाना है, और वह भारत की सभी संवैधानिक संस्थाओं पर कब्ज़ा करके यहाँ के लोकतंत्र को समाप्त करने में लगा हुआ है।

पूरा आर्टिकल यहां पढें कांग्रेस, बसपा, सपा और राजद जान लें कि बीच का कोई रास्ता नहीं होता!

 

लेखक के बारे में

कंवल भारती

कंवल भारती (जन्म: फरवरी, 1953) प्रगतिशील आंबेडकरवादी चिंतक आज के सर्वाधिक चर्चित व सक्रिय लेखकों में से एक हैं। ‘दलित साहित्य की अवधारणा’, ‘स्वामी अछूतानंद हरिहर संचयिता’ आदि उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं। उन्हें 1996 में डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय पुरस्कार तथा 2001 में भीमरत्न पुरस्कार प्राप्त हुआ था।

संबंधित आलेख

अर्जक संघ में शामिल हों महिलाएं : रीता चौधरी
लखनऊ यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. रीता चौधरी ने अपने वक्तव्य में अर्जक संघ के आंदोलन में शामिल स्त्री-विमर्श को रेखांकित किया। उन्होंने अर्जक संघ...
बहुजन स्पोर्ट्स : मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के आदिवासी स्केटबोर्डिंग खिलाड़ियों का टूट रहा सपना
जनवार गांव में 50 से ज्यादा आदिवासी लड़के-लड़कियां हैं, जो स्केटबोर्डिंग के खेल में माहिर हैं। इनमें कई लड़के-लड़कियों ने तो गोल्ड मेडल भी...
‘त्रिवेणी संघ हमें फासीवादी, जातिवादी, सांप्रदायिक और पूंजीवादी ताकतों से लड़ने की प्रेरणा देता है’
मेरी दृष्टि में त्रिवेणी संघ महज़ तीन बड़ी पिछड़ी जातियों का राजनीतिक गठबंधन नहीं था। यह उत्तर भारत के इतिहास में उत्पीड़ित जातियों के...
झारखंड में राज्यसभा चुनाव : लोकतंत्र को धन्नासेठ की चुनौती
जिस भाजपा को खुद यकीन नहीं कि वह चार विधायकों को जुटा सकेगी, उसने नाथवानी नामक रेस के घोड़े पर दांव लगा दिया है,...
अमित शाह के हत्थे चढ़ गए उपेंद्र कुशवाहा
सम्राट चौधरी के रहते अब भाजपा को दूसरे कोईरी नेता की जरूरत नहीं रही। हालांकि उपेंद्र कुशवाहा के बेटे को सम्राट चौधरी के मंत्रिपरिषद...