h n

“मोदी जी से ओबीसी को सिर्फ निराशा मिली”

रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। आइए उनसे जानने की कोशिश करते हैं कि इस्तीफे व राजग से उनकी पार्टी की दूरी बढ़ाने की असली वजह क्या थी। पढ़ें यह बातचीत :

फ़ारवर्ड प्रेस (एफपी) : उपेंद्र जी, आपने संसद सत्र के शुरू होने के पहले ही इस्तीफा दे दिया। आखिर एनडीए से आपकी निराशा की वजह क्या रही?

उपेंद्र कुशवाहा (उ.कु) : मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे अपने इस्तीफे में साफ-साफ शब्दों में लिखा है कि हमने जबरदस्त आशा और उम्मीदों के साथ आपके नेतृत्व में एनडीए का साथ पकड़ा था। 2014 के लोकसभा चुनाव में बिहार के लोगों से जो आपने वायदे किए थे, उसी को देखते हुए हमने भाजपा को समर्थन दिया था। सूबे को स्पेशल पैकेज देने का वायदा किया था, जो छलावा निकला। सच कहें तो केंद्र की मोदी सरकार ने बिहार के विकास के लिए कुछ नहीं किया। बिहार आज भी वहीं खड़ा है, जहां पहले खड़ा था। राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है।

पूरा आर्टिकल यहां पढें : “मोदी जी से ओबीसी को सिर्फ निराशा मिली”

 

लेखक के बारे में

कुमार समीर

कुमार समीर वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सहारा समेत विभिन्न समाचार पत्रों में काम किया है तथा हिंदी दैनिक 'नेशनल दुनिया' के दिल्ली संस्करण के स्थानीय संपादक रहे हैं

संबंधित आलेख

आदिवासियों के पुरखों की हत्या का जश्न मनाने वाले क्यों कर रहे हैं उनका सांस्कृतिक समागम?
यह कौतूहल जरूर होता है कि हिंदुओं के संपूर्ण पौराणिक वाङ्मय में जिन्हें अनार्य, राक्षस, असुर, दस्यु, दास, यहां तक कि मानवेतर वानर शब्द...
हार से खत्म नहीं हुई है स्टालिन की पेरियारवादी राजनीति
स्टालिन इसलिए भी महत्वपूर्ण बने रहेंगे कि उन्होंने राज्य को नीट से छूट और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी में तीन भाषा वाली पॉलिसी का कड़ा...
मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट के नजरिए का नया संस्करण
यह मानने में हिचक नहीं होनी चाहिए कि मौजूदा मुख्य न्यायाधीश की पृष्ठभूमि भी संस्थागत है। यह उनकी सीमा है। इसीलिए उनमें वह व्यापक...
गए थे जोतीराव को मारने, बन गए महान सत्यशोधक पंडित धोंडीराम नामदेव कुंभार
संस्कृत तथा धर्म-शास्त्रों में प्रवीण होने के बावजूद धोंडीराम अपने सत्यशोधक होने के लक्ष्य से भटके नहीं थे। सन् 1896 में उनकी एक पुस्तक...
जाति-आधारित जनगणना के लिए महाराष्ट्र में राज्यव्यापी अभियान प्रारंभ
पूरे देश में ओबीसी समुदाय की सही आबादी के आंकड़े, साथ ही उनकी शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति का पता लगाने के लिए जाति-आधारित...