h n

एफपी न्यूज

-

क्लिक करें :

13-point roster pushes Bahujans back into the ‘unreserved compartment’

उपरोक्त सामग्री अभी सिर्फ अंग्रेजी में उपलब्ध है। अगर आप इसका हिंदी अनुवाद करना चाहते हैं तो कृपया संपर्क करें। गुणवत्तापूर्ण अनुवादों को हम आपके नाम के साथ प्रकाशित करेंगे।  Email : editor@forwardpress.in


[फारवर्ड  प्रेस भारत के  सामाजिक व सांस्कृतिक रूप से दबाए गए तबकों – यथा, अन्य पिछडा वर्ग, अनुसूचित जनजातियों, विमुक्त घुमंतू जनजातियों, धर्मांतरित अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दों को आवाज देने लिए प्रतिबद्ध है। यह एक द्विभाषी (अंग्रेजी-हिंदी) वेबसाइट है। हम हर सामग्री  हिंदी व अंग्रेजी में प्रकाशित करते हैं, ताकि इन्हें यथासंभव देश-व्यापी पाठक वर्ग मिल सके। लेखक व स्वतंत्र पत्रकार अपने लेख दोनों में से किसी एक भाषा में भेज सकते हैं।

फारवर्ड प्रेस के इस अभियान का सुचारू रूप से संचालन के लिए ऐच्छिक योगदान करने के इच्छुक अनुभवी अनुवादकों का  स्वागत है]

मुखपृष्ठ पर जाने के लिए यहां क्लिक करें :

 

लेखक के बारे में

मुकेश कुमार बैरवा

मुकेश कुमार बैरवा, दिल्ली विश्वविध्यालय के पीजीडीएवी कॉलेज में अंग्रेजी के सहायक प्राध्यापक हैं

संबंधित आलेख

जंतर-मंतर महज स्थान नहीं, सामूहिक अभिव्यक्ति की आजादी की संस्था है
संसदीय लोकतंत्र में संसद से अभिव्यक्ति के अधिकार की गूंज को दूर करने के प्रयास सत्ता द्वारा निरंतर होते रहे हैं। अभी हाल तक...
विपक्ष के ज्ञापन पर राष्ट्रपति के मौन रहने के मायने
राष्ट्रपति के अधिकारिक भाषण को तैयार करने की एक प्रक्रिया होती है और उसमें राष्ट्रपति का कार्यालय मुख्य रूप से शामिल होता है। लेकिन...
जातिगत जनगणना में ओबीसी कॉलम की मांग को लेकर दिसंबर में बड़े आंदोलन का ऐलान
बैठक में मांग की गई कि वर्ष 2027 की जनगणना में ओबीसी के लिए स्वतंत्र एवं पृथक कॉलम शामिल किया जाए, ताकि ओबीसी समाज...
संघर्ष के साथी का वियोग नहीं सह पाईं रूपी सोरेन
रूपी सोरेन अपनी सास सोनामणी और शिबू के बड़े भाई राजाराम की पत्नी के साथ मिलकर अपना घर संभालती और पुलिस की दबिश होती...
सबको दुखी कर गया राम बिलास भारती का अचानक चले जाना
बीते 26 सितंबर, 2026 को डॉ. राम बिलास भारती का हृदयगति रुकने के कारण दिल्ली में निधन हो गया। वे महज 52 वर्ष के...