h n

वही पार्टी राज करेगी जो सामाजिक न्याय को मानेगी : संजय कुमार

आज की पार्टियां इस बात को बखूबी समझती हैं कि अगर उन्हें सफल होना है तो उन्हें राजनीति को सामाजिक न्याय की दिशा में ले जाना पड़ेगा। बिहार के अलावा अन्य हिंदी भाषी राज्यों में भी इस तरह की राजनीति दिखाई पड़ेगी। पढ़ें, सीएसडीएस के निदेशक व प्रख्यात चुनावी विश्लेषक प्रो. संजय कुमार से विशेष साक्षात्कार

आम मतदाता के दृष्टिकोण से देखा जाए तो सेफोलॉजी का क्या मतलब है?  

सेफोलॉजी से तात्पर्य चुनाव के नतीजों को लेकर की जाने वाली ऐसी भविष्यवाणी से है, जिसमें मतदान के पूर्व पार्टियों की जीत-हार, पार्टियों को मिलने वाली सीटों के बारे में पूर्वानुमानों से आम मतदाता को अवगत कराया जाता है। आम मतदाता सेफोलाॅजी से यही अर्थ ग्रहण करता है। लेकिन इसमें आम मतदाता को यह नहीं मालूम चल पाता है कि किस पार्टी को कितने वोट मिलने वाले हैं। आम मतदाता यह जानने की कोशिश भी नहीं करता। 

पूरा आर्टिकल यहां पढें : वही पार्टी राज करेगी जो सामाजिक न्याय को मानेगी : संजय कुमार

लेखक के बारे में

नवल किशोर कुमार

नवल किशोर कुमार फॉरवर्ड प्रेस के संपादक (हिन्दी) हैं।

संबंधित आलेख

ऐसे थे भिखारी ठाकुर और ऐसा था उनका प्रभाव
भोर होने से पहले भिखारी ठाकुर की नाच मंडली को गांव छोड़ना पड़ा। लेकिन नाच की आंच बहुत दिनों तक बनी रही। जवार की...
वंचित वर्ग के छात्रों से अवसर छीनने को होते हैं पेपर लीक
समाज की कई जातियां हैं, जिन्हें पढ़ने से रोककर रखा गया। ऐसे लोग अपनी पूरी उर्जा कामयाबी के लिए लगा देते हैं। दूसरी तरफ...
राम मंदिर प्रकरण : धर्म के नाम पर धन की उगाही और लूट के इतिहास के संदर्भ में
अक्सर यह भ्रम फैलाया जाता है कि मंदिरों में डकैती केवल गैर हिंदू या विदेशी आक्रांताओं ने ही की थी, जबकि ऐतिहासिक तथ्य इसके...
आज का समय, समाज और भिखारी ठाकुर
बुद्ध ने भी वर्णगत भेदभाव देखा और भोगा था, भिखारी ठाकुर ने भी देखा और भोगा था। इसीलिए भिखारी ठाकुर अपने व्यत्तिगत और जातिगत...
‘मां-बहन’ : कौन है महिलाओं के जीवन का मालिक?
‘मां-बहन’ – यह शब्दयुग्म उत्तर भारत में रोज़मर्रा की बातचीत का हिस्सा है। एक ओर यह सबसे पवित्र रिश्तों में से एक है तो...