h n

रपट

-

क्लिक करें :

The story of a journalist booked in the aftermath of the Kanpur communal clashes

 उपरोक्त सामग्री अभी सिर्फ अंग्रेजी में उपलब्ध है। अगर आप इसका हिंदी अनुवाद करना चाहते हैं तो कृपया संपर्क करें। गुणवत्तापूर्ण अनुवादों को हम आपके नाम के साथ प्रकाशित करेंगे।  Email : editor@forwardpress.in

[फारवर्ड  प्रेस भारत के  सामाजिक व सांस्कृतिक रूप से दबाए गए तबकों – यथा, अन्य पिछडा वर्ग, अनुसूचित जनजातियों, विमुक्त घुमंतू जनजातियों, धर्मांतरित अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दों को आवाज देने लिए प्रतिबद्ध है। यह एक द्विभाषी (अंग्रेजी-हिंदी) वेबसाइट है। हम हर सामग्री  हिंदी व अंग्रेजी में प्रकाशित करते हैं, ताकि इन्हें यथासंभव देश-व्यापी पाठक वर्ग मिल सके। लेखक व स्वतंत्र पत्रकार अपने लेख दोनों में से किसी एक भाषा में भेज सकते हैं।

फारवर्ड प्रेस के इस अभियान का सुचारू रूप से संचालन के लिए ऐच्छिक योगदान करने के इच्छुक अनुभवी अनुवादकों का  स्वागत है]

मुखपृष्ठ पर जाने के लिए यहां क्लिक करें :

लेखक के बारे में

अभय कुमार

जेएनयू, नई दिल्ली से पीएचडी अभय कुमार संप्रति सम-सामयिक विषयों पर विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के लिए स्वतंत्र लेखन करते हैं।

संबंधित आलेख

खिरियाबाग आंदोलन : साम-दाम-दंड-अर्थ-भेद सब अपना रही सरकार
जमुआ गांव की सुनीता भारती बताती हैं कि पूरे आठ गांवों में घनी आबादी है कि जब वे उजाड़ दिए जाएंगे तो कहां जाएंगे?...
तीसरे दलित साहित्य उत्सव में रहा सबकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर
इस बार के दलित साहित्य उत्सव के मौके पर तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इनमे चौथीराम यादव द्वारा लिखित पुस्तक 'बात कहूं...
एक दलित-बहुजन यायावर की भूटान यात्रा (तीसरा भाग)
मैं जब पुनाखा जिले की राह में स्थित धार-चू-ला के नज़दीक स्थित एक बौद्ध मठ में गया तो मुझे उसके एक कमरे में जाने...
क्यों बख्शें तुलसी को?
अगर मंडल कमीशन और सिमोन द बुआ का स्त्री-विमर्श आ भी गया होता, तब भी तुलसी स्त्री-शूद्र के समर्थक नहीं होते, क्योंकि जब मंडल...
बुद्धि और विवेक पर मीडिया का पुरोहितवादी हमला
एंकर ने मुझसे जानना चाहा कि क्या सनातन धर्म में चमत्कार होते हैं? मेरा जवाब था– मैं तो नहीं जानता। माइंड रीडिंग करने वाले...