h n

लेख

-

क्लिक करें :

Dr Palpu – who countered plague and caste alike

 उपरोक्त सामग्री अभी सिर्फ अंग्रेजी में उपलब्ध है। अगर आप इसका हिंदी अनुवाद करना चाहते हैं तो कृपया संपर्क करें। गुणवत्तापूर्ण अनुवादों को हम आपके नाम के साथ प्रकाशित करेंगे।  Email : editor@forwardpress.in


[फारवर्ड  प्रेस भारत के  सामाजिक व सांस्कृतिक रूप से दबाए गए तबकों – यथा, अन्य पिछडा वर्ग, अनुसूचित जनजातियों, विमुक्त घुमंतू जनजातियों, धर्मांतरित अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दों को आवाज देने लिए प्रतिबद्ध है। यह एक द्विभाषी (अंग्रेजी-हिंदी) वेबसाइट है। हम हर सामग्री  हिंदी व अंग्रेजी में प्रकाशित करते हैं, ताकि इन्हें यथासंभव देश-व्यापी पाठक वर्ग मिल सके। लेखक व स्वतंत्र पत्रकार अपने लेख दोनों में से किसी एक भाषा में भेज सकते हैं।

फारवर्ड प्रेस के इस अभियान का सुचारू रूप से संचालन के लिए ऐच्छिक योगदान करने के इच्छुक अनुभवी अनुवादकों का  स्वागत है]

मुखपृष्ठ पर जाने के लिए यहां क्लिक करें :

लेखक के बारे में

डॉ. अजय एस. शेखर

डॉ. अजय एस. शेखर कलाडी, केरल में स्थित एसएस यूनिवर्सिटी ऑफ संस्कृत में अंग्रेजी के सहायक प्राध्यापक और ''सहोदरन अय्यप्पन: टूवर्डस ए डेमोक्रेटिक फ्यूचर" के लेखक हैं। हाल में केरल की संस्कृति और सभ्यता के बौद्ध आधार पर पुत्तन केरलम शीर्षक से मलयालम में उनकी पुस्तक प्रकाशित हुई है

संबंधित आलेख

जिम्मेदार व निर्भीक पत्रकारिता के अग्रदूत थे संतराम बी.ए.
संतराम जी की पत्रकारिता की पड़ताल करने पर जो तथ्य सामने आते हैं, उनमें सबसे पहला है– बहुजन समाज के मुद्दों पर उनकी बिना...
केवल त्याग की प्रतिमूर्ति नहीं, और भी बहुत कुछ थीं रमाबाई
क्या वे बाबासाहेब की कर्त्तव्यनिष्ठ पत्नी भर थीं? या वे आंबेडकर के मुक्ति संघर्ष में बराबर की साझीदार थीं? क्या वे भी मानव-निर्मित विभाजनों...
मनहीन, तनहीन और धनहीन के जननायक
कर्पूरी ठाकुर जिन वर्गों को ‘मनहीन, तनहीन और धनहीन’ कहकर संबोधित करते थे, शायद वे जानते थे कि इन वर्गों की पहली और सबसे...
शिवनंदन पासवान : एक जीवट समाजवादी, जिन्हें राजनीतिक कारणों से किया जा रहा विस्मृत
शिवनंदन पासवान ने जिस दौर में राजनीति में प्रवेश किया, वह बिहार और देश की राजनीति के लिए उथल-पुथल का समय था। समाजवादी आंदोलन...
जोतीराव फुले के सहयोगी सत्यशोधक तुकाराम तात्या पडवळ
तुकाराम तात्या पडवळ ने धर्म तथा जाति-आधारित शोषण को करीब से देखा था। धर्म के नाम पर पुजारी अनपढ़ लोगों को किस तरह से...