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Abhijit Guha

बंगाली अध्येताओं की नजर में रामराज्य
रवींद्रनाथ टैगोर से लेकर राजशेखर बसु और दिनेश चंद्र सेन आदि बंगाली अध्येताओं ने रामायण का विश्लेषण अलग-अलग...
How Bengali scholars critiqued Ram Rajya
According to Dinesh Chandra Sen, the spotless character in ‘Ramayana’ was Bharat. During his rule, the revenue of...
एक नहीं, कई रामायण हैं देश में
रामायण पर ऐतिहासिक, मानवशास्त्रीय और साहित्यिक शोधों से साफ़ है कि इसके कई संस्करण हैं और यह भी...
Many Ramayanas
Historical, anthropological and literary research on the Ramayana reveal that remarkable variations exist and that Adivasis and women...
अपने आदिवासी पड़ोसियों की उपेक्षा करता एक विश्वविद्यालय
पश्चिम बंगाल के विद्यासागर विश्वविद्यालय में मानवविज्ञान के पूर्व प्राध्यापक याद कर रहे हैं कि कैसे विश्वविद्यालय ने...
Looking back at an aloof university and its Adivasi neighbours
A former professor of anthropology in Vidyasagar University, West Bengal, recounts how the university gave precious little to...
An early freedom struggle that is still not free of the ‘Chuar’ label
Why does a mass rebellion in Jungle Mahals against the oppressive British taxation system not ring a bell...
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रारंभिक आंदोलन जिसे आज तक चुहाड़ के अपशब्द से मुक्ति नहीं मिली
पश्चिम बंगाल के पुरूलिया जिले के जंगल महल में आदिवासियों द्वारा शोषक अंग्रेजों के खिलाफ छेड़े गये व्यापक...
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