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समाज और संस्कृति

पश्चिमी राजस्थान में जमींदार और खेतिहर मजदूरों का हाल
अगर जमींदार के घर में चाय बनी है और बटाईदार के पास खुद का बर्तन नहीं है और न ही जमींदार के पास बटाईदार के लिए अलग बर्तन हो तो उसे कई बार चाय से...
महाड़ बनाम दांडी सत्याग्रह : संदर्भ और हासिल
महाड़ सत्याग्रह का यह सौवां साल है। वर्ष 1927 में डॉ. भीमराव आंबेडकर के नेतृत्व में पीने के लिए पानी पर हक का सत्याग्रह नहीं होता तो क्या 1930 में महात्मा गांधी दांडी मार्च यानी...
बहुजन विमर्श में महिषासुर से रावण तक
जिस तरह दुर्गा की आराधना करने वालों को अपनी आस्था के प्रदर्शन का अधिकार है, उसी तरह महिषासुर को अपना पूर्वज मानने वाले समुदायों को भी अपनी सांस्कृतिक स्मृति व्यक्त करने का अधिकार है। किसी...
एक ऐसी बस्ती में पैदा होना जिसे शरणार्थियों की बस्ती कहा जाता है
1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान विस्थापित हुए सिंधी शरणार्थियों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की स्थिति सामाजिक, आर्थिक और कानूनी रूप से अत्यधिक जटिल और संवेदनशील थी। आज भी इनके गांव-मोहल्लों...
आजीवक दर्शन : जिसकी पहचान भुला दी गई थी (पहला भाग)
लगभग सभी धर्म राजसत्ता से सांठ-गांठ कर, शक्ति-केंद्रों में बदलते चले गए। जैन तथा बौद्ध धर्म ने भी...
अलबेले अर्थशास्त्री डॉ. आंबेडकर (संदर्भ : रुपए की समस्या, उद्गम और समाधान, दूसरा भाग)
डॉ. आंबेडकर के मुताबिक, यह अजीब बात है कि भारत में व्यापारी समुदाय को होने वाली परेशानियों को...
सावित्रीबाई फुले : भारत में अंग्रेजी शिक्षा की जननी
सावित्रीबाई का अंग्रेजी भाषा को मां का दर्जा देना एक बहुत बड़ा कदम था। उन्होंने यह तब किया...
अलबेले अर्थशास्त्री डॉ. आंबेडकर (संदर्भ : रुपए की समस्या, उद्गम और समाधान, पहला भाग)
डॉ. आंबेडकर के मुताबिक, “मुग़ल बादशाहों ने कभी भी अपने सिक्कों की गुणवत्ता कम नहीं की। सिक्का ढालने...
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