h category

समाज और संस्कृति

मिस्र बनाम सिंधु : भाषा और ज्ञान का उद्गम, प्रवाह व अवरोध
भारत के संबंध में भाषा की खोज का सिलसिला भीमबेटका की पहाड़ियों तक ले जाता है। मध्य प्रदेश के विंध्यक्षेत्र की पहाड़ियों में स्थित इन गुफाओं में पाषाण काल और पुरापाषाण काल के 20000-28000 वर्ष...
सुदर्शन ऋषि और डुमार (डोमार) समाज
पूरे भारत में डोमार जाति की जनसंख्या को लेकर एकमत नहीं है, क्योंकि जनगणना में भी उनकी जानकारी सही नहीं मिल पाती है। इसका कारण यह है कि डोमार जाति के लोग अपनी जाति कहीं...
देखें, जगत के प्रकाश को
इस क्रिसमस पर हम झिलमिलाते बल्बों और साज-सज्जा से आगे देखें – हमारे जगत के उस प्रकाश को देखें, जो अंधेरे से भरी हमारी दुनिया में इसलिए आया है ताकि वह व्यक्तियों, परिवारों और समुदायों...
आर्यभट नहीं, आजीवक थे भारतीय गणित के प्रतिपादक
सच तो यह है कि सभ्यता के आरंभिक चरण में प्रकृति के सान्निध्य में रहकर, उसका करीब से अध्ययन करने वाले श्रमण, ज्ञान और अनुभव का चलता-फिरता विश्वविद्यालय हुआ करते थे। आरंभिक भारतीय गणित के...
हाशिए पर जीवन जीते गाड़िया लुहार
गाड़िया लुहारों का रहन-सहन भी कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करता है। सार्वजनिक शौचालयों का अभाव या...
गुरु तेग बहादुर के हिंदू राष्ट्र के रक्षक होने का मिथक
‘हिंद दि चादर’ – यह वाक्यांश कब और कैसे अस्तित्व में आया? इसे किसने गढ़ा और सबसे पहले...
‘होमबाऊंड’ : हिंदू भारत में चंदन वाल्मीकि (दलित) और शोएब मलिक (मुस्लिम) की नियति का आख्यान
फिल्म देखते समय आपको कुछ व्यक्तियों से नहीं, उस पूरी व्यवस्था से नफरत होती है, जो वर्ण-जाति-वर्ग या...
दलित-बहुजन समाज में विष्णु की स्थापना के मायने
मिथक, सत्ता और समाज के संबंधों को परिभाषित और स्थापित करते हैं। इस दृष्टिकोण से विचार करें तो...
और आलेख