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परिवार

महिलाओं के सम्मान के बिना कैसा आंबेडकरवाद?
सवर्णों के जैसे ही अब दलित परिवारों में भी दहेज आदि का चलन बढ़ा है। इसके अलावा पितृसत्तात्मक समाज के जो अवगुण दलित साहित्य में दिखते हैं, वे सब अब इस समाज के लोगों में...
कामकाजी महिलाओं का यौन उत्पीड़न
लेखक अरविंद जैन बता रहे हैं कि कार्यस्थलों पर कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानूनों में तमाम सुधारों के बावजूद पेचीदगियां कम नहीं हुई हैं
कभी घर से अपने जीवनसाथी से नाराज होकर मत निकलिए
जब अलग-अलग पृष्ठभूमियों के दो लोगों में विवाह होता है तब उनके बीच मतविभिन्नता और मतभेद होने स्वाभाविक हैं। जरूरत इस बात की है कि हम एक दूसरे को समझने की कोशिश करें, बातचीत करें...
क्या आप विवाह की कीमत पर बहस में जीत रहे हैं?
विवाद, हमारी अंतरंगता में वृद्धि कर रिश्ते को बेहतर बना सकता है, अगर हम दोस्ती का हाथ बढ़ाना सीख लें
अपने बच्चे का मिजाज पहचानें
'अण्डरस्टेडिंग यूअर चाइल्ड्स टेम्परामेंट’ (अपने बच्चे के मिजाज को समझना) की लेखिका बेवर्ली लहाय लिखती हैं, 'बच्चे के...
शांति स्थापना के लिए ‘मैं’ का इस्तेमाल
अगर आप अपनी पत्नी के लिए भी आसान शिकार नहीं बन सकते तो आपको ऐसा बनना सीखना होगा...
ठुमक-ठुमक चलने के साल
अभिभावकत्व एक अनूठी यात्रा है। यद्यपि आपके पहले भी करोड़ों लोग माता-पिता बने हैं और आपके बाद भी...
घर बनाने में लगता है वक्त
मेरे संस्थान को तो दूसरा निदेशक मिल जाएगा परंतु मेरी पत्नी को दूसरा पति और मेरे बच्चों को...
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