फोटो फीचर : साइकिल-सवार फैला रहे हैं कांशीराम का संदेश

गणतंत्र दिवस पर 26 अलीपुर रोड, दिल्ली से शुरू हुई यह यात्रा 15 मार्च को कांशीराम के जन्मदिवस पर उनके गृह जिले पंजाब के रोपड़ में प्रवेश करेगी। उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और राजस्थान के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए यह यात्रा फरवरी के अंत में फिर उत्तरप्रदेश पहुंची

संदेश यात्रा

दो चक्कों और दो पैरों के इस्तेमाल से बहुजन आंदोलन को आगे ले जाने की कांशीराम की शिक्षा के अनुरूप पूर्व सांसद प्रमोद कुरील के नेतृत्व में 2,500 किलोमीटर की कांशीराम संदेश यात्रा जारी है। गणतंत्र दिवस पर 26 अलीपुर रोड, दिल्ली से शुरू हुई यह यात्रा 15 मार्च को कांशीराम के जन्मदिवस पर उनके गृह जिले पंजाब के रोपड़ में प्रवेश करेगी। उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और राजस्थान के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए यह यात्रा फरवरी के अंत में फिर उत्तरप्रदेश पहुंची। जहां से यह पंजाब जाएगी। मार्ग में जहां भी यात्रियों ने लोगों से चर्चा की..चाहे वे सर्किट हाउस में विराजे अति महत्वपूर्ण व्यक्ति हों या सड़क किनारे चाय सुड़क रहे आम इंसान..सभी ने उनसे एक ही बात कही, आपने यह आंदोलन पहले शुरू क्यों नहीं किया, हम हमारे बहुजन आंदोलन को बचाने के लिए आपका साथ देने को तैयार हैं, कृपया जल्दी से जल्दी मायावती और उनके गुर्गों से छुटकारा पाइए।

 

कांशीराम हमेशा कहते थे कि दो चक्कों और दो पैरों का उपयोग कर बहुजनों के आंदोलन को व्यापक बनाया जा सकता है

 

दिल्ली में चर्चा उपरांत यात्रा दल को झंडा दिखाकर रवाना किया गया।

 

 

यात्रा में शामिल सदस्यों का विभिन्न जगहों पर दलित-बहुजन साथियों व शुभेच्छुओं ने स्वागत किया

 

4 फरवरी, ग्वालियर : यात्रा में शामिल सदस्यों ने कांशीराम जी के करीबी सहयोगी रहे फूल सिंह बरारिया से मुलाकात की

 

 

(फारवर्ड प्रेस के मार्च 2013 अंक में प्रकाशित)


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