तस्वीरों के आइने में दिल्ली सरकार

किसी भी राज्य के मंत्रियों के कार्यालयों में किनकी तस्वीरें लगाई जा सकती हैं, इस संबंध में गृह मंत्रालय ने किसी तरह का दिशा-निर्देश जारी नहीं किया है। सूचना के अधिकार के तहत गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार उन्हें काफी खोजबीन के बाद भी मंत्रियों के सरकारी कार्यालयों में लगाई जाने वाली तस्वीरों के बारे में किसी तरह के निर्देश या सुझाव दिए जाने की जानकारी नहीं है

तस्वीरें बहुत कुछ बयां करती हैं। खासकर राजनीति में तो कुछ ज्यादा ही। किस पार्टी के पोस्टर में किसकी तस्वीर है, किसकी नहीं, किसकी जोड़ दी गई, किसकी हटा दी गई, यह आए दिन मीडिया की सुर्खी बनता है। ऐसे में यह एक रोचक पड़ताल हो सकती है कि दिल्ली सरकार के मंत्री अपने कार्यालयों में किसे जगह देते हैं और किसे नहीं।

मीडिया स्टडीज ग्रुप के सहयोगी रतन लाल द्वारा सूचना के अधिकार के तहत दिल्ली सरकार से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के दफ्तर में केवल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति की तस्वीरें हैं। लेकिन उनके मंत्रिमंडल के बाकी सदस्यों के दफ्तर में ऐसी स्थिति नहीं है। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल की तस्वीर केवल एक मंत्री राजकुमार चौहान के दिल्ली सचिवालय स्थित दफ्तर में लगी हुई है। बाबा साहेब आम्बेडकर की तस्वीर केवल एक दलित और एक अल्पसंख्यक मंत्री के ही कार्यालयों में लगी हैं। महात्मा गांधी की तस्वीर भी मात्र दो मंत्रियों के कार्यालयों में लगी है। रतन लाल को सूचना के अधिकार के तहत इससे संबंधित अंतिम सूचना जुलाई, 2013 में मिली थी।

किसी भी राज्य के मंत्रियों के कार्यालयों में किनकी तस्वीरें लगाई जा सकती हैं, इस संबंध में गृह मंत्रालय ने किसी तरह का दिशा-निर्देश जारी नहीं किया है। सूचना के अधिकार के तहत गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार उन्हें काफी खोजबीन के बाद भी मंत्रियों के सरकारी कार्यालयों में लगाई जाने वाली तस्वीरों के बारे में किसी तरह के निर्देश या सुझाव दिए जाने की जानकारी नहीं है। इस तरह के निर्देश दिए भी जाते हैं या नहीं, इसकी भी जानकारी गृह मंत्रालय को नहीं है।

दिल्ली सरकार द्वारा दी गई सूचना के अनुसार मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की सर्वाधिक तस्वीरें उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों ने लगा रखी हैं। उनकी कुल सात तस्वीरों में चार तस्वीरें खाद्य आपूर्ति एवं उद्योग मंत्री हारून युसूफ के दिल्ली सचिवालय स्थित चार भागों में विभक्त दफ्तर में लगी हैं। दफ्तर के एक हिस्से में राजीव गांधी तो दूसरे हिस्से में इंदिरा गांधी की तस्वीर है। नेहरू, गांधी परिवार की चार पीढिय़ों की चौदह तस्वीरे हैं। लेकिन जवाहरलाल नेहरू की एक ही तस्वीर है। इंदिरा गांधी की सर्वाधिक छह और राजीव गांधी की पांच तस्वीरें लगी हैं। सोनिया गांधी की तस्वीर वित्त मंत्री डा. एके वालिया ने एक ग्रुप फोटो के रूप में लगा रखी है जिसमें वे खुद भी हैं और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी। लेकिन उनके दफ्तर में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की तस्वीर नहीं लगी है। सोनिया गांधी की एक तस्वीर राजकुमार चौहान ने भी लगा रखी है। राजकुमार चौहान और हारून युसूफ ही ऐसे मंत्रीमंडल के सदस्य हैं, जिन्होंने बाबा साहेब आम्बेडकर की तस्वीर लगा रखी है।

(फारवर्ड प्रेस के सितंबर 2013 अंक में प्रकाशित)


फारवर्ड प्रेस वेब पोर्टल के अतिरिक्‍त बहुजन मुद्दों की पुस्‍तकों का प्रकाशक भी है। एफपी बुक्‍स के नाम से जारी होने वाली ये किताबें बहुजन (दलित, ओबीसी, आदिवासी, घुमंतु, पसमांदा समुदाय) तबकों के साहित्‍य, सस्‍क‍ृति व सामाजिक-राजनीति की व्‍यापक समस्‍याओं के साथ-साथ इसके सूक्ष्म पहलुओं को भी गहराई से उजागर करती हैं। एफपी बुक्‍स की सूची जानने अथवा किताबें मंगवाने के लिए संपर्क करें। मोबाइल : +917827427311, ईमेल : info@forwardmagazine.in

फारवर्ड प्रेस की किताबें किंडल पर प्रिंट की तुलना में सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं। कृपया इन लिंकों पर देखें 

मिस कैथरीन मेयो की बहुचर्चित कृति : मदर इंडिया

बहुजन साहित्य की प्रस्तावना 

दलित पैंथर्स : एन ऑथरेटिव हिस्ट्री : लेखक : जेवी पवार 

महिषासुर एक जननायक’

महिषासुर : मिथक व परंपराए

जाति के प्रश्न पर कबी

चिंतन के जन सरोकार

About The Author

Reply