चुनावी मौसम में किसका पक्ष रख रहे हैं यूपी के हिंदी अखबार?

बीते 5 फरवरी को दैनिक हिन्दुस्तान के प्रयागराज संस्करण के पृष्ठ संख्या 9 पर एक आलेख नजर आया– ‘आगरा मंडल : असल मुद्दे जाति के जंजाल में गुम हुए’। इसके लेखक इस अखबार के समूह संपादक शशिशेखर हैं। गौरतलब है कि आगरा दलित बहुल क्षेत्र है, जहां बीते 2 फरवरी को बसपा अध्यक्ष मायावती ने जनसभा को संबोधित करते हुये आगरा को दलित राजनीति की राजधानी की संज्ञा दी थी। पढ़ें, चुनावी दौर में विभिन्न अखबारों कें संबंध में सुशील मानव का विश्लेषण

वर्तमान का प्रयागराज पूर्व में इलाहाबाद के नाम से जाना जाता था। इसका नाम बदलने का श्रेय योगी आदित्यनाथ की सरकार को जाता है। इसे वाराणसी की तरह ही प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र माना जाता रहा है। इसे सभी तीर्थों का राजा यानि तीर्थराज भी कहते हैं। यहां राज्य सरकार के कार्यालय जैसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय, प्रधान महालेखाकार कार्यालय (एजी ऑफ़िस), उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी), राज्य पुलिस मुख्यालय, उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय, केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय एवं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय। इसके अलावा राजनीतिक रूप से भी यह अत्यंत ही महत्वपूर्ण जनपद है।

इस जिले में कुल 12 विधानसभा सीटें हैं। फाफामऊ, सोरांव, फूलपुर, प्रताप पुर, हंडिया, मेजा, करछना, बारा, कोरांव, इलाहाबाद पश्चिम, इलाहाबाद उत्तर, इलाहाबाद दक्षिण । इलाहाबाद शहर में तीन विधानसभा सीटें हैं। 

इस जनपद में हिंदी के मुख्य रूप से तीन अख़बार हैं– ‘दैनिक हिन्दुस्तान’, ‘अमर उजाला’ और ‘दैनिक जागरण’। इन तीनों अख़बारों के यहां स्थानीय संपादकीय कार्यालय है। इन तीन हिंदी दैनिक समाचार पत्रों के अलावा कुछ अन्य समाचार पत्र भी हैं, जो अब चर्चा में नहीं हैं। इनमें दैनिक ‘आज’ जैसे अख़बार शामिल हैं। वहीं अंग्रेजी समाचार पत्रों की उपलब्धता की बात करें तो ‘इंडियन एक्सप्रेस’, ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ और ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ भी चर्चित अंग्रेजी दैनिक हैं।

‘हिन्दुस्तान’ में ‘हिन्दुस्थान’ 

चुनावी मौसम में प्रयागराज के अखबार भी चुनावी मोड में आ गए हैं। बीते 5 फरवरी, 2022 को ‘हिन्दुस्तान’ अख़बार के मुख्य पृष्ठ पर भी भाजपा का कब्जा है। योगी आदित्यनाथ व अमित शाह की बड़ी फोटो के साथ नामांकन की ख़बर को पहली लीड खबर बनायी गयी। इसके दायें 11×8 सेमी स्पेस में मोदी के हवाले से ‘यूपी में अब दबंग और दंगा राज नहीं’ शीर्षक से ख़बर प्रकाशित की गई। इसी पन्ने पर नीचे एकदम बायें कोने में 9×16 सेमी जगह में ‘गणतंत्र दिवस : परेड में यूपी की झांकी सर्वश्रेष्ठ’ शीर्षक से ख़बर छापी गई। खबर के साथ काशी-विश्वनाथ मंदिर की झांकी की तस्वीर भी नजर आयी। मुख्य पन्ने पर ही भाजपा के मंत्री मोती सिंह के नामांकन की ख़बर प्रकाशित की गयी, जिसका विस्तार पृष्ठ संख्या चार पर दिया गया। 

5 फरवरी, 2022 को दैनिक हिन्दुस्तान के समूह संपादक शशिशेखर द्वारा लिखित आलेख

‘दैनिक हिन्दुस्तान’ के लिए सपा, बसपा और कांग्रेस आदि पार्टियां महत्वहीन हैं। इसकी पुष्टि केवल पहले पन्ने से ही नहीं, बल्कि अंदर के पन्नों से भी होती है। मसलन, पृष्ठ संख्या 9 पर एक आलेख नजर आया– ‘आगरा मंडल : असल मुद्दे जाति के जंजाल में गुम हुए’। इसके लेखक ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ के समूह संपादक शशिशेखर हैं। गौरतलब है कि आगरा दलित बहुल क्षेत्र है, जहां बीते 2 फरवरी को बसपा अध्यक्ष मायावती ने जनसभा को संबोधित करते हुये आगरा को दलित राजनीति की राजधानी की संज्ञा दी थी। इसके ठीक दायें भाजपा प्रत्याशी बेबीरानी मौर्य का विस्तृत इंटरव्यू छपा है। इंटरव्यू का शीर्षक भी बेहद दिलचस्प तरीके से लिखा गया– ‘दलित-पीड़ितों की सेवा को छोड़ा गवर्नर पद: बेबीरानी’। इसी पेज पर अपेक्षाकृत कम जगह में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम जी लाल का साक्षात्कार शयद इस वजह से कि कोई अखबार की ईमानदारी पर सवाल न उठाए।    

जबकि पृष्ठ संख्या 10 पर केवल भाजपा नजर आयी। ‘विकास भी होगा, बुलडोजर भी चलेगा: योगी’ शीर्षक खबर, गोरखपुर में भाजपा के जागरुक मतदाता कार्यक्रम की रिपोर्ट नजर आयी। इसमें मुख्यतः भाजपा नेताओं के बयान छापे गए। साथ में 9×16 सेमी की तस्वीर में योगी आदित्यनाथ, अमित शाह, स्वतंत्र देव सिंह एवं दो अन्य लोग दोनों हाथों को ऊपर उठाये अंगुलियों से जीत का निशान उंगलियों बनाते नजर आए। वहीं योगी आदित्यनाथ का विस्तृत जीवन परिचय के साथ हवन करते उनकी तस्वीर नजर आयी। इसी पन्ने पर अमित शाह और जेपी नड्डा की खबरें भी रहीं, जिन्हें प्रमुखता दी गयी।

सपा के नेता और मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार अखिलेश यादव का बयान दो कॉलम में सिमटा नजर आया। शीर्षक था– ‘डबल इंजन से कारोबार ठप्प : अखिलेश’। इसी खबर के साथ बॉक्स में ‘किसान युवा के साथ अन्याय हुआ: जयंत’ उपशीर्षक के साथ जयंत चौधरी नजर आए। इनके आलवा मायावती की एक खबर भी को भी जगह दी गयी। आकार रहा 11×8 सेमी और शीर्षक– ‘सपा भाजपा और कांग्रेस ने यूपी का बंटाधार किया’। यह खबर मायावती की अमरोहा रैली की रपट थी। वहीं दो कॉलम में “पुलिस में महिलाओं को 25 फीसदी आरक्षण देंगे : प्रियंका” शीर्षक से प्रियंका गांधी के साहिबाबाद और ग़ाजियाबाद पार्टी प्रत्याशी के लिये चुनावी कार्यक्रम की रपट देखने को मिली।

‘अमर उजाला’ का ‘भाजपामय उजाला’

बीते 5 फरवरी, 2022 को प्रकाशित ‘अमर उजाला’ के मुख्य पृष्ठ पर आधे पेज में योगी आदित्यनाथ के नामांकन की ख़बर प्रकाशित हुई। शीर्षक था– ‘विकास सज्जनों और बुलडोजर दुर्जनों के लिए’ शीर्षक से छपी है। ख़बर के साथ 10×5 सेमी की योगी की तस्वीर छपी है। इस ख़बर के ठीक दाईं ओर 7×12 सेमी. में ‘दंगाइयों और माफियाओं को यूपी पर क़ब्ज़ा नहीं करने देगी जनता : मोदी’ शीर्षक से दूसरी ख़बर प्रकाशित हुई। इसी ख़बर के अंदर ही 3×3 सेमी आकार की नरेंद्र मोदी की तस्वीर छापी गयी। इस ख़बर के ठीक दायें पेज पर एकदम किनारे और 6×14 सेमी साइज में सपा से जुड़ी ख़बर ‘बाबा को वापस भेजी देगी जनता : अखिलेश’ शीर्षक से प्रकाशित की गई। ख़बर के अंदर ही 4×6 सेमी की तस्वीर भी थी, जिसमें अखिलेश यादव और जयंत चौधरी मीडिया को संबोधित कर रहे हैं। इस ख़बर के ठीक नीचे केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का बयान ‘चुनाव बाद बनेगी एमएसपी पर समिति’ शीर्षक से एक छोटे आकार की खबर प्रकाशित हुई। इसके बाईं तरफ एक कॉलम में ओवैसी की छोटी तस्वीर के साथ ‘ओवैसी को मिली जेड सुरक्षा, ठुकराई’ शीर्षक से ख़बर प्रकाशित की गई।

यह एक बानगी है कि चुनावी मोड में आ चुके अखबार विभिन्न पार्टियों को कितनी तरजीह दे रहे हैं। पेड न्यूज और विज्ञापनों का मसला अलग है। 

5 फरवरी, 2022 को प्रकाशित अमर उजाला के प्रयागराज संस्करण का प्रथम पृष्ठ

‘अमर उजाला’ के 5 फरवरी के प्रयागराज संस्करण के मुख्य पृष्ठ के निचले हिस्से में 11×8 सेमी की जगह में पंजाब कांग्रेस से जुड़ी ख़बर छापी गयी, जिसका शीर्षक है– ‘मनी लांड्रिंग: सीएम चन्नी का भतीजा हनी गिरफ़्तार’। इसके ठीक दायें तरफ 4×11 सेमी यानी एक कॉलम में ‘चर्बी-गर्मी नहीं ….विकास की भाषा बोलिए’ शीर्षक से प्रियंका गांधी का बयान प्रकाशित हुआ। इसमें प्रियंका गांधी की एक छोटी सी तस्वीर भी है। । 

इस प्रकार हम पाते हैं कि ‘अमर उजाला’ के मुख्य पृष्ठ पर मुख्य रूप से भाजपा, सपा और कांग्रेस से जुड़ी खबरों को तरजीह दी गयी। बहुजन समाज पार्टी से जुड़ी खबरें प्राय: पहले पन्ने से गायब रहती हैं।

अंदर के पन्नों में भी भाजपा को तरजीह दी जाती है। वहीं अन्य दलों से जुड़ी खबरों की प्रस्तुति भी खासा राजनीतिक है। मसलन, 5 फरवरी को अमर उजाला के चौथे पेज पर सबसे ऊपर सिराथू विधानसभा से भाजपा के प्रत्याशी केशव मौर्या के ख़िलाफ़ सपा गठबंधन की प्रत्याशी पल्लवी पटेल की एक खबर प्रकाशित की गयी। शीर्षक था– ‘पल्लवी के सिराथू से लड़ने पर संशय बरकरार’। इसी ख़बर के नीचे 13×9 सेमी आकार की एक खबर प्रकाशित की गई– ‘कांग्रेस की मंजू समेत 10 ने किया नामांकन’। ख़बर में कांग्रेस नेता मंजू की फोटो भी नजर आयी।

अखबार के आठवें पन्ने पर राजा भैय्या की तल्वीर के साथ (4.5×2.5 सेमी) कुंडा सीट का ब्यौरा है। इसके नीचे 8×14 सेमी आकार की तस्वीर छपी है। कैप्शन था– ‘सिराथू स्थित भाजपा कार्यालय में पूर्व चेयरमैन को सदस्यता दिलाते डिप्टी सीएम केशव मौर्या।’ नीचे एकदम दायें तरफ 4×20 सेमी के बॉक्स में ‘विकास की उड़ान कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ने उड़ाई पंतग’ शीर्षक से ख़बर के साथ केशव मौर्य के पतंग उड़ाने की तस्वीर प्रकाशित है। अखबार की इस तरह की प्रस्तुति से यह आसानी से समझा जा सकता है कि केशव प्रसाद मौर्य तरजीह दी जा रही है। 

वहीं ग्यारहवें पन्ने पर चंदौसी सीट का सामाजिक समीकरण समझाया गया है। साथ ही एक अन्य ख़बर का शीर्षक है– ‘भितरघात से भी निपटना होगा मंत्री गुलाब देवी को’। 

हाल ‘दैनिक जागरण’ का

जबकि ‘दैनिक जागरण’ ने 5 फरवरी को अपने पहले पन्ने पर योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ न्यूज 18 द्वारा उनके इंटरव्यू का विज्ञापन प्रकाशित किया। इसके बाद का पन्ना जिसे कायदे से पृष्ठ संख्या 3 कहना चाहिये, उसे पहला पृष्ठ बना दिया गया। इस पन्ने पर सबसे ऊपर ‘अखिलेश बाबू! आप आएंगे न आपके माफिया’ शीर्षक से 17×20 सेमी जगह में 8.5×13 सेमी आकार की तस्वीर के साथ योगी और शाह का बयान छापी गई। इसके ठीक दाईं ओर 8×20 सेमी जगह में गणतंत्र दिवस में यूपी की झांकी, जिसमें काशी-विश्वनाथ धाम की झांकी थी, को मिला पहला स्थान दिये जाने की ख़बर रही। चुनाव बाद किसानों के लिए महत्वपूर्ण न्यूनतम समर्थन मूल्य के संबंध में कमेटी बनाने की ख़बर को सबसे नीचे जगह दी गई। 

5 फरवरी, 2022 को प्रकाशित दैनिक जागरण के प्रयागराज संस्करण का प्रथम पृष्ठ

जबकि पृष्ठ संख्या चार पर ‘सिराथू में केशव मौर्या के सामने सपा से कौन’ शीर्षक ख़बर का मजमून है कि सपा गठबंधन प्रत्याशी पल्लवी पटेल ने बिना लड़े ही हार मान ली। पृष्ठ संख्या पांच पर भाजपा कैबिनेट मंत्री मोती सिंह की तस्वीर के साथ इनके नामांकन की ख़बर व बयान कि ‘अपराधियों को टिकट ही अखिलेश यादव का समाजवाद : मोती सिंह’ नजर आया। जबकि सबसे नीचे ‘बूथ व विधानसभा का हर कार्यकर्ता लड़ रहा चुनाव’ शीर्षक खबर नजर आयी, जिसका संबंध केशव प्रसाद मौर्य से है।       

‘दैनिक जागरण’ ने पृष्ठ संख्या 6 पर कमाल का प्रयोग किया। प्रयोग का मकसद संभवत: यह कि कोरोना काल में स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं झेलने वाले मतदाताओं को धर्म का डोज दिया जाय। इस आशय की खबर नजर आयी। शीर्षक था– ‘समस्याओं का सामना करना भी तप है’। इस ख़बर के अंदर मंझनपुर विधानसभा में चल रहे भागवतकथा के हवाले से कहा गया है कि जब राजा परीक्षित को ऋषि कुमारों ने श्राप दिया तो उन्होंने किसी वैद्य या ज्योतिषी का शरण नहीं बल्कि सत्संग व संत की शरण ली और सद्गति प्राप्त की। वहीं विहिप के हवाले से ख़बर भी नजर आया कि 2027 में भारत अखंड राष्ट्र बनेगा। 

इसके पहले 4 फरवरी को ‘दैनिक जागरण’ के फ्रंट पेज पर ‘सपा ने बनवाई कब्रिस्तान की बाउंड्री, हमने बनवाया विश्वनाथ धाम: योगी’ शीर्षक खबर भी नजर आयी थी। इसके संपादकीय पृष्ठ पर ‘नाकाम होती जातीय अस्मिता की राजनीति’ शीर्षक से छापी गई। इस लेख के साथ एक कार्टून भी है, जिसमें काले अक्षरों में दीवार पर लिखी ‘राजनीति’ शब्द को विशालकाय मोदी ब्रश से चमका रहे हैं और एक समूह में खड़े अखिलेश यादव, शरद पवार, ममता बनर्जी, राहुल गांधी सोनिया गांधी व उद्धव ठाकरे रोनी सूरत के साथ दिखाए गए।

(संपादन : नवल/अनिल)


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