मेरी पत्नी, मेरी वेलेंटाइन

विवाह तभी परिपूर्ण होता है जब हम एक दूसरे के साथ पूर्ण पारदर्शिता बरतें, जब हमें एक दूसरे के सामने ढोंग न करना पड़े। हमें अपने जीवनसाथी को उसकी भावनाएं व्यक्त करने की स्वतंत्रता देनी होगी

मुझे याद है कि मैंने जब अपनी मंगेतर (जो अब मेरी पत्नी है) को पहली बार चेन्नई से बेंगलुरु वेलेंटाइन कार्ड भेजा तब कुछ दिनों बाद, वही कार्ड मेरे पास वापस आ गया। मुझे एक क्षण के लिए लगा कि उसने मेरा कार्ड लौटा दिया है। परंतु जब मैंने ध्यान से देखा तब मुझे यह समझ में आया कि यद्यपि हम दोनों एक दूसरे से सैकड़ों मील दूर थे तथापि हमने एक दूसरे के लिए एक जैसे कार्ड खरीदे थे!

मेरे एक मित्र ने मुझे वेलेंटाइन डे के बारे में बताया था-उस समय वह इतना लोकप्रिय नहीं था। उसने ही मुझे यह सलाह दी थी कि मैं अपनी मंगेतर को वेलेंटाइन कार्ड भेजूं। परंतु उसे भी वेलेंटाइन डे के बारे में कई गलतफ हमियां थीं। उसका ख्याल था कि यह प्यार करने वाले ‘आधुनिक’ लोगों का त्योहार है। मुझे लगता है कि यह धारणा अब भी हम भारतीयों के मन में घर किए हुए है। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति के तथाकथित रक्षक, वेलेंटाइन डे का विरोध करते हैं। परंतु इस विरोध के बावजूद भी यह एक ऐसा मौका बन गया है जब कंपनियां कार्डों और गिफ्टों की बिक्री से जमकर धन कमाती हैं और मॉल व रेस्त्रां आकर्षक सजावट कर युवाओं को आकर्षित करते हैं।

14 फरवरी एक ऐसा दिन है जिस दिन कई लोग अपने प्यार का इजहार करते हैं, कई दिल टूटते हैं और कई युवा हर तरह की मस्ती करते हैं। परंतु विवाह होते ही उनके प्रेम की गर्माहट तेजी से घट जाती है। असली वेलेंटाइन वह नहीं है जो साल में किसी एक विशेष दिन आपसे रोमांस करता है और बाकी दिन आपकी उपेक्षा। हमारे विवाह को 13 साल बीत चुके हैं और उसके पूर्व तीन साल तक हमलोगों का प्रेम प्रसंग चला। और आज मेरे लिए वेलेंटाइन का कुछ और ही अर्थ है।

वेलेंटाइन का अर्थ

अतिमहत्वपूर्ण व्यक्ति (व्हीआईपी):

दुनिया में किसी के साथ हमारी उतनी अंतरंगता नहीं होती जितनी कि हमारे जीवनसाथी के साथ होती है क्योंकि ईश्वर हमारे जीवनसाथी, एक अतिमहत्वपूर्ण व्यक्ति, को हमारे जीवन में लाकर हमारे जीवन को संपूर्ण बनाता है। हमारे लिए हमारे जीवनसाथी से अधिक महत्वपूर्ण भला कौन हो सकता है? मेरी पत्नी, मेरी वेलेंटाइन मेरे लिए अति महत्वपूर्ण व्यक्ति है।

जरूरत के समय उपलब्ध :

आदम, हौव्वा के लिए बना था और हौव्वा, आदम के लिए। इसलिए वे दोनों हमेशा एक दूसरे के लिए उपलब्ध रहते थे। हम में से अधिकांश पूरी दुनिया के लिए तो उपलब्ध रहते हैं परंतु हमारे जीवनसाथी और बच्चों के सबसे कम काम आते हैं। अपने समाज और अपने दोस्तों के काम आना और अपने कार्य के प्रति निष्ठावान होना बहुत अच्छी बात है परंतु हमें यह समझना चाहिए कि हमारे व्हीआईपी को हमारी सबसे अधिक जरूरत है। मेरी पत्नी, मेरी वेलेंटाइन जब भी मुझे जरूरत हो, तब मेरे लिए उपलब्ध रहती है।

कमियों के बावजूद प्रेम :

हमें अपने जीवनसाथी में कई कमियां नजर आ सकती हैं और आती भी हैं। परंतु हमारा कर्तव्य यह है कि हम उसकी कमियों के बावजूद उससे प्यार करें। कुछ दंपत्ति अपने विवाह को सफल बनाने की कोशिश करने की बजाय अलग हो जाना बेहतर समझते हैं। विवाह दो सर्वगुणसंपन्न व्यक्तियों का मिलन नहीं है बल्कि दो ऐसे व्यक्तियों का मिलन है, जिनमें कमियां हैं और जो सर्वगुणसंपन्न ईश्वर द्वारा अपनी कमियों को दूर किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। मेरी पत्नी, मेरी वेलेंटाइन मुझसे मेरी कमियों के बावजूद प्रेम करती है।

प्रोत्साहन :

एक दूसरे को प्रोत्साहन और बढ़ावा देने से रिश्तों में मजबूती आती है। दूसरी ओर, नकारात्मक शब्द और व्यंग्यात्मक टिप्पणियां घावों को जन्म देती हैं जो आगे चलकर कभी न मिटने वाले नासूर बन जाते हैं। हमें प्रोत्साहन की जरूरत होती है-तब भी, जब सब कुछ ठीक चल रहा हो और तब भी, जब हम किसी मुसीबत में फंस गए हों। हमें एक दूसरे के साथ खड़े रहना होता है, विशेषकर तब, जब शेष दुनिया छिटककर हमसे दूर खड़ी हो गई हो। मेरी पत्नी, मेरी वेलेंटाइन मुझे हमेशा प्रोत्साहन देती है।

कभी ढोंग न करो :

विवाह तभी परिपूर्ण होता है जब हम एक दूसरे के साथ पूर्ण पारदर्शिता बरतें, जब हमें एक दूसरे के सामने ढोंग न करना पड़े। हमें अपने जीवनसाथी को उसकी भावनाएं व्यक्त करने की स्वतंत्रता देनी होगी। हमें वास्तविकता का सामना करना होगा। हमारे असली व्यक्तित्व को छुपाने के लिए हमें महंगे इत्रों और मनोहारी वस्त्रों की जरूरत नहीं पडऩी चाहिए। पारदर्शिता, रिश्तों को आनंददायक बनाती है। मेरी पत्नी, मेरी वेलेंटाइन कभी मुझसे ढोंग नहीं करती।

भरोसा रखो :

यह किसी भी रिश्ते का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अगर हम अपने जीवनसाथी के हर कदम को संदेह की दृष्टि से देखेंगे तो हमारा वैवाहिक जीवन नर्क बन जाएगा। एक दूसरे पर हर परिस्थिति में भरोसा करो। यदि हम एक दूसरे पर भरोसा करते हैं तो हम एक दूसरे के हो जाते हैं। चूंकि मेरी पत्नी मुझ पर पूरा भरोसा करती है इसलिए मैं बहुत सावधान रहता हूं कि मैं उसका भरोसा न तोडूं। मेरी पत्नी, मेरी वेलेंटाइन मुझ पर भरोसा करती है।

प्रेरित करो :

अगर हम एक दूसरे के साथ को दुनिया की निगाहों से देखेंगे तो कुछ वर्षों बाद हमारा विवाह उबाऊ और नीरस हो जाएगा। विवाह और प्रेम के शुरुआती दिनों में एक नजर, एक स्पर्श हमें रोमांचित करने के लिए काफी होता है। हमें एक-दूसरे की उपस्थिति से ही प्रेेरणा मिलती है। जब भी मैं किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में मंच पर होता हूं तो दर्शकों की पहली पंक्ति में मेरी पत्नी की उपस्थिति मुझे जबरदस्त प्रेरणा देती है। क्या आपका जीवनसाथी आपको प्रेरित करता है ? उसकी उपस्थिति से आपका आत्मविश्वास घटता है या बढ़ता है ? मेरी  पत्नी, मेरी वेलेंटाइन, मुझे प्रेरित करती है।

रिश्ते को पोषित करो :

किसी भी रिश्ते को मजबूत करने के लिए उसे पोषित करना होता है। यह पोषण मिलता है कोशिश करके एक-दूसरे के लिए समय निकालने से। मुझे मेरी पत्नी के साथ, हमारे निर्माता की उपस्थिति में, समय बिताना बहुत आनंददायक लगता है। इसका कोई विकल्प नहीं है। मेरी पत्नी, मेरी वेलेंटाइन हमारे रिश्ते को पोषित करती है।

कठिन समय में साथ :

मुझे हमारे विवाह का शुरुआती दौर याद है। तब हम दोनों विद्यार्थी थे। हमारी इंटर्नशिप बहुत कठिन थी-हमें सड़क पर रहने वाले 16 बच्चों के अभिभावक की भूमिका अदा करनी थी। हमारी पहली निुयक्ति कर्नाटक के सबसे पिछड़े जिले में हुई थी, जहां पीने का पानी लाने के लिए हमें दो किलोमीटर दूर जाना होता था। उस दौरान मेरी पत्नी का तीन बार गर्भपात हुआ परंतु उसने सारी मुसीबतों को मुस्कराकर झेला। उसने कभी हमारी कठिन जिंदगी के लिए मुझे दोषी नहीं ठहराया। मेरी पत्नी, मेरी वेलेंटाइन, कठिन समय में कष्ट सहती है।

मैं ईश्वर का शुक्रगुजार हूं कि उसने मुझे एक उपयुक्त सहायक भेंट किया और मैं इसके बदले में उसका शानदार वेलेंटाइन बनना चाहता हूं।


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