h n

शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितताएं

झाविमो जिलाध्यक्ष मो. शाकिर, पूर्व मंत्री रामचंद्र केसरी तथा वीरेंद्र साह ने एक प्रेस बयान में कहा कि राज्य में जनता की अनदेखी की जा रही है और उद्योगपतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है

गढ़वा (झारखंड): झाविमो जिलाध्यक्ष मो. शाकिर, पूर्व मंत्री रामचंद्र केसरी तथा वीरेंद्र साह ने एक प्रेस बयान में कहा कि राज्य में जनता की अनदेखी की जा रही है और उद्योगपतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसे झाविमो कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इस सरकार द्वारा, पूर्व सरकार की तरह, झारखंड के पढ़े-लिखे नवजवानों की अनदेखी करते हुए शिक्षकों की नियुक्ति की घोषणा से नवजवानों में आक्रोश है। बालू घाटों की नीलामी को निरस्त कर उन्हें ग्राम पंचायतों को सौंपा जाना चाहिए। बालू, सरकारी महकमों की अवैध कमाई का जरिया बन गयी है। जिले में धान खरीदी का एक भी केंद्र अभी तक नही खुलने से किसानों में आक्रोश है। किसान अपने धान को बाजार में औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हैं।

(फारवर्ड प्रेस के मार्च, 2015 अंक में प्रकाशित )


फारवर्ड प्रेस वेब पोर्टल के अतिरिक्‍त बहुजन मुद्दों की पुस्‍तकों का प्रकाशक भी है। एफपी बुक्‍स के नाम से जारी होने वाली ये किताबें बहुजन (दलित, ओबीसी, आदिवासी, घुमंतु, पसमांदा समुदाय) तबकों के साहित्‍य, सस्‍क‍ृति व सामाजिक-राजनीति की व्‍यापक समस्‍याओं के साथ-साथ इसके सूक्ष्म पहलुओं को भी गहराई से उजागर करती हैं। एफपी बुक्‍स की सूची जानने अथवा किताबें मंगवाने के लिए संपर्क करें। मोबाइल : +919968527911, ईमेल : info@forwardmagazine.in

लेखक के बारे में

सारवत फातमी

संबंधित आलेख

बिहार विधानसभा चुनाव और मुस्लिम प्रतिनिधित्व का प्रश्न
डॉ. आंबेडकर बार-बार इस बात पर ज़ोर देते थे कि भारतीय समाज जात-पात की असमानता पर आधारित है, इसलिए कोई एक नेता, जो किसी...
उपराष्ट्रपति चुनाव : कांग्रेसी ओबीसी बनाम संघी ओबीसी
राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का अपना उम्मीदवार घोषित करने के बाद भाजपा ने एक अभियान शुरू कर दिया है। वह जोर-शोर से सबको बता...
असम में ‘पत्रकारिता’ पर हमले का उद्देश्य
असम सरकार ने सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए टीम बनाई है। राज्य से बाहर के मीडिया संस्थानों व उनके लिए लिखने बोलने वाले...
निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में एससी, एसटी और ओबीसी को मिले आरक्षण, स्थायी संसदीय समिति ने दिया सुझाव
दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 15(5) के प्रावधान का कार्यान्वयन असंतोषजनक...
लोकतंत्र बचाने के लिए एक यात्रा ऐसी भी
बिहार में एसआईआर के जरिए 65 लाख मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से बाहर किये जाने के खिलाफ विपक्षी दलों की ‘वोटर अधिकार यात्रा’...